लेदाहड़िया में CMR कोयला भट्ठे से निकलने वाले धुएं और pollution से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा कल रात फूट पड़ा। pollution से नाराज ग्रामीणों ने रात में CMR कोयला भट्ठे को घेर लिया। हालात बिगड़ते देख, कोयले से लदे ट्रैक्टरों के ड्राइवर और भट्ठे के कर्मचारी अपनी गाड़ियां छोड़कर मौके से भाग गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि CMR भट्ठा एक बड़े सिंडिकेट के तहत चलता है और यहां आगे भेजने के लिए अवैध कोयला जलाया जाता है। रोज़ाना भारी मात्रा में कोयला जलाने से निकलने वाला धुआं पूरे इलाके को प्रदूषित कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है।बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं और कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि भट्ठा पंचायत मुखिया अशोक महतो का है, लेकिन इसे उत्तर प्रदेश के शशि दुबे चला रहे हैं, जिन्हें यह लीज़ पर दिया गया था। अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए लोगों ने पूछा कि अगर चुने हुए प्रतिनिधि ही ऐसी गतिविधियों में शामिल होंगे, तो आम जनता की शिकायतें कौन सुनेगा? भले ही मुखिया की पत्नी ज़िला परिषद सदस्य हैं, फिर भी जनता परेशान हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई एक बार की घटना नहीं है; यहां रोज़ाना अवैध कोयला जलाया जाता है। स्थानीय पुलिस को कई बार जानकारी दी गई है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि पुलिस मौके पर तो आती है लेकिन बिना कोई कदम उठाए चली जाती है, जिससे सभी पक्षों की मिलीभगत का संकेत मिलता है।
नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे भट्ठे के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि स्थिति असहनीय हो गई है और बीमारी के कारण जीवन मुश्किल हो गया है। उन्होंने संकल्प लिया है कि अगर प्रशासन उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं देता है, तो वे खुद सड़कों पर उतरेंगे।
अब तक, इस मामले पर भट्ठा संचालक या मुखिया अशोक महतो की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
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