गिरिडीह जिले के तीनमहुआ गांव में हाल ही में एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने तथा धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ के मामले को लेकर जमुआ थाना परिसर में एक शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्यथा कि पशु के अवशेष मिलने और धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ ना हो, क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहे।बैठक की अध्यक्षता खोरीमहुआ के अनुमंडल पदाधिकारी समीर रेनिल खलखो (एसडीएम) ने की जबकि संचालन पुलिस निरीक्षक प्रदीप दास ने किया गया।
इस दौरान दोनों समुदायों के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में लगभग सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार एवं प्रदीप कुमार दास, जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव की पहल की सराहना की गई, जिनके प्रयासों से दोनों समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाकर संवाद स्थापित किया गया। बैठक में उपस्थित लोगों ने क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के समक्ष अपने विचार रखे और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से समाज का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा और सभी लोग मिल-जुलकर क्षेत्र की एकता एवं अखंडता को बनाए रखेंगे।बैठक के अंत में प्रशासन की ओर से सभी उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया गया कि मामले की गहन जांच की जा रही है तथा दोषियों की पहचान कर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
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