सरकार की इतनी सारी योजनाओं के बावजूद गुमला के लोग कुएं का पानी (well water) पीने को मजबूर ग्रामिण गुमला के सिसई प्रखंड के उपरदारी गांव में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। गांव के लोग पिछले दो वर्षों से खराब पड़ी जलमीनार के कारण आज भी कुएं का पानी (well water) पीने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में भी स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पब्लिक आई न्यूज़ के सीनियर रिपोर्टर बुधवार सुबह लगभग 7:00 बजे उपरदारी गांव पहुंचे। कुएं का पानी (well water) काी पानी पीने से कई तरह के बिमारियों का सामना करना पड़ रहा है, मौके पर ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि गांव की जलमीनार पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी है। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के मुखिया से लेकर प्रखंड प्रशासन तक को कई बार दी गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जहां “हर घर नल-जल” योजना के सफल क्रियान्वयन का दावा करती है, वहीं उपरदारी गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई परिवारों को गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। बरसात के दौरान कुएं का पानी भी दूषित होने का खतरा बना रहता है, जिससे जलजनित बीमारियों की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीण सहमनीय उरांव, संजू उरांव, दुखनी उरांव और चारी उरांव सहित अन्य लोगों ने बताया कि पूरे गांव के लोग इसी समस्या से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि पंचायत के मुखिया इंदरपाल भगत इस समस्या से पूरी तरह अवगत हैं, फिर भी अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड प्रशासन को भी इसकी जानकारी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरदारी गांव की खराब जलमीनार की तत्काल मरम्मत कराकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पानी के लिए रोजाना संघर्ष न करना पड़े।
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