जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकाई नदी किनारे बने कथित अवैध मकानों (illegal house) को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। एनजीटी की ओर से 156 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जाने के बाद प्रभावित परिवारों में हड़कंप मच गया है। नोटिस में नदी क्षेत्र से अतिक्रमण और अवैध मकानों (illegal house) को हटाने की बात कही गई है। इसके विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में प्रभावित लोग उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया। प्रदर्शनकारियों ने अवैध मकानों (illegal house) को लेकर प्रशासन से कार्रवाई पर रोक लगाने और प्रभावित परिवारों के हित में समाधान निकालने की मांग की।

एनजीटी के नोटिस के बाद भुइयांडीह इंदिरा नगर समेत नदी किनारे बसे इलाकों के लोगों में दहशत का माहौल है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर अपने घर बनाए हैं और अब उन्हें अचानक मकान खाली करने और हटाने का नोटिस मिला है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि एक ओर सरकार गरीबों को आवास देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के घर तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने प्रशासन और सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उचित समाधान की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी क्षेत्र में अवैध कब्जे और जमीन की खरीद-बिक्री का खेल लंबे समय से चलता रहा, लेकिन अब कार्रवाई का खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।
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