नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का समापन हो गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि समाधान का एक इकोसिस्टम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में अपनाई गई ‘नई दिल्ली घोषणा’ साझा विजन और भविष्य के सहयोग को नई दिशा देगी। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी सदस्य देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों का आभार जताया।
PM मोदी ने सभी सदस्य देशों का जताया आभार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में शामिल सभी सदस्य देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने BRICS सहयोग को व्यापकता के साथ-साथ गहराई भी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों की मौजूदगी BRICS की बढ़ती प्रासंगिकता, उदारता और समावेशिता का प्रमाण है।
BRICS केवल देशों का समूह नहीं, समाधान का इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दो दिनों में हुई चर्चाओं ने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि BRICS केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि समाधान का एक इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में शामिल की गई ‘नई दिल्ली घोषणा’ साझा विजन और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
PM मोदी ने कहा कि सम्मेलन से सामने आए सभी परिणामों को समयबद्ध कार्रवाई और समाज के अंतिम पायदान तक वास्तविक प्रभाव से जोड़ना जरूरी है। केवल घोषणाओं और चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय इन फैसलों को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है।
फ्रेमवर्क से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन में प्रभाव पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि BRICS के तहत तैयार किए गए फ्रेमवर्क और योजनाओं को फाइलों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इन्हें वास्तविक जीवन में प्रभाव पैदा करने वाला बनाना होगा। इसके लिए सभी सदस्य देशों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि BRICS अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है। ऐसे समय में दुनिया की अपेक्षाएं भी इस समूह से बढ़ी हैं। अब दुनिया केवल विचार और प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि साझा प्रयासों के जरिए BRICS इन अपेक्षाओं पर जरूर खरा उतरेगा।
‘नई दिल्ली घोषणा’ से साझा विजन को मिलेगी नई दिशा
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाई गई ‘नई दिल्ली घोषणा’ को समूह के भविष्य के सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसमें वैश्विक सहयोग, आर्थिक साझेदारी, सतत विकास और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर सदस्य देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया है।
BRICS के बढ़ते दायरे के साथ इसकी जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में सदस्य देशों के बीच सहयोग को और प्रभावी बनाने तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
2027 में चीन करेगा BRICS की अध्यक्षता
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बाद अब 2027 में चीन BRICS की अध्यक्षता करेगा। चीन अगले BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेगा। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान समूह के भविष्य, वैश्विक सहयोग और सदस्य देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली में आयोजित इस शिखर सम्मेलन ने BRICS के बदलते स्वरूप और बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित किया। अब सदस्य देशों के सामने सम्मेलन में बनी सहमति और लिए गए फैसलों को प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती होगी।









