लोकसभा (Lok Sabha) में मानसून सत्र का दुसरा दिन था,इस सत्र के दौरान पर राहुल गांधी ने साफतौर पर कहाकि – गृह मंत्री अमित शाह ने जंतर – मंतर पर प्रर्दशन के दौरान गोली चलवाई, इस बयान से लोकसभा (Lok Sabha) में मौजूद सारे बीजेपी के सदस्य भड़क गए। साथ हि राहुल गांधी सत्र के दौरान राहुल गांधी CJP आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बात कर रहे थे। लोकसभा (Lok Sabha) में अपने भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने ‘लवली’ नाम की एक 18 साल की छात्रा से हुई मुलाकात का ज़िक्र किया, जिसने CJP विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। राहुल ने बताया कि उसने छात्रों को तीन समूहों में बांटा था।

‘खुले दिमाग’ और ‘खुले दिल’ वाले छात्र। वे समझते हैं कि दुनिया बदल रही है, ज्ञान विकसित होता है, और उनके पास ही अंतिम सच नहीं है। ‘अहंकारी’ छात्र। उन्हें लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं; वे किसी की बात नहीं सुनते और दूसरों की सच्चाई को समझ नहीं पाते। राहुल ने कहा कि जब उन्होंने लवली से पूछा कि वह ऐसे छात्रों को कैसे बताती है, तो उसने जवाब दिया, “मैं उन्हें idiot (मूर्ख) मानती हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि लवली ने यह भी कहा कि ये ‘मूर्ख’ किसी की बात नहीं सुनते और खुद को भगवान की तरह पेश करने की कोशिश करते हैं।
राहुल ने बताया कि जब उन्होंने लवली से तीसरी श्रेणी के बारे में पूछा, तो उसने उन्हें ‘अंधभक्त’ कहा – ऐसे लोग जो किसी ‘मूर्ख’ को भगवान मानते हैं और उसका अनुसरण करते हैं।
राहुल ने कहा कि छात्र नाराज़ हैं क्योंकि उन्हें भारत में अपनी राय रखने, सवाल उठाने, विरोधाभासों को उजागर करने और अपने जुनून को पूरा करने का मौका नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्ज़ा कर लिया है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को महज़ एक ‘दिखावा’ बताया और कहा कि शिक्षा मंत्रालय असल में RSS चलाता है।
इसके अलावा, राहुल ने गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि गृह मंत्री ने छात्रों पर गोली चलाने और पैलेट गन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था।
राहुल गांधी ने सांसद की ओर इशारा करते हिए कहा कि सत्र के दौरान उन्हें “मैंने बार-बार स्पीकर से गुज़ारिश की और बीजेपी के सीनियर नेताओं से भी बात की, फिर भी मुझे बोलने की इजाज़त नहीं मिली। मैंने अमित शाह का नाम लिया था; छात्रों पर हुई बर्बरता के लिए वही ज़िम्मेदार हैं। मैं बीजेपी या आरएसएस से माफ़ी नहीं मांगूंगा। छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं यह मुद्दा मैं संसद में उठाना चाहता था- लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया।”
उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली में छात्रों के साथ बर्बरता की गई और उन पर पैलेट गन चलाई गईं, जिन लोगों ने गोलियां चलाईं, वे गृह मंत्री अमित शाह के अधीन काम करते हैं। एक नौजवान को पैलेट लगी है और उसकी आँखों की रोशनी जाने का गंभीर ख़तरा है; हो सकता है कि वह दोबारा कभी न देख पाए। मैंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है जिसमें पैलेट से लगी चोट की पुष्टि हुई है। कहा कि सिर्फ़ आम लाठियों का इस्तेमाल नहीं हुआ, शॉक बैटन और कील लगे डंडों का भी इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा, “लोकसभा में मैंने बस इतना कहा था कि छात्रों के ख़िलाफ़ हुई बर्बरता के लिए अमित शाह ज़िम्मेदार हैं। मुझे यह भी भरोसा दिलाया गया था कि अगर मैं माफ़ी मांग लूँ, तो मुझे सदन में बोलने दिया जाएगा। मैं बीजेपी-आरएसएस से माफ़ी नहीं मांगूंगा। अमित शाह को उनके पद से हटाएँ, सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जाँच करवाएँ और छात्रों के साथ जो हुआ, उसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लें।”
गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “वह हमारे देश के गृह मंत्री हैं। गृह मंत्रालय के तहत पुलिस या सुरक्षा बलों की किसी भी कार्रवाई के लिए उनके आदेश की ज़रूरत होती है। जब हम संसद भवन में थे, तो मैंने अपनी आँखों से अमित शाह को पुलिस अधिकारियों को फ़ोन करते देखा। मैंने खुद यह देखा।साथ हि राहुल गांधी ने कहा कि मैंने राज्य मंत्री (MoS) जितेंद्र सिंह को अमित शाह के बार-बार फ़ोन आते देखे। उन्हें अच्छी तरह पता था कि सड़कों पर क्या हो रहा है। और ऐसे में अमित शाह ही दोषी हैं।
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