झारखंड में बच्चों के Missing होने की बढ़ती घटनाओं ने सबको हिलाकर रख दिया है। राज्य में इन Missing के घटनाओं को लेकर हालात पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं,सामाजिक संगठनों से लेकर पुलिस विभाग तक, हर कोई इस बात को लेकर चिंतित है कि आखिर ये बच्चे कैसे Missing हो रहे हैं। इस मुद्दे पर अब राजनीति तेज़ हो गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।वहीं पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों के सामने इन घटनाओं को रोकने की बड़ी चुनौती है। हाल ही में धुर्वा से तीन बच्चे गायब हो गए है।उनके परिवार, पुलिस विभाग और विपक्षी पार्टी BJP सभी चिंतित हैं, हालांकि,अभी तक बच्चों का पता नहीं चल पाया है और न ही उन्हें बरामद किया जा सका है, BJP राज्य सरकार और मौजूदा पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है, साथ ही पुलिस और जांच एजेंसियों पर यह बताने का दबाव बढ़ रहा है कि ये बच्चे कैसे गायब हो रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, झारखंड में ‘गुल्गुलिया गैंग’ सक्रिय है; रांची के अलावा खूंटी, गुमला और सिमडेगा जैसे इलाकों से भी बच्चों के गायब होने की खबरें मिली हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं-
फिलहाल झारखंड में 400 से ज़्यादा बच्चे गायब हैं।
एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 700 से ज़्यादा बच्चे गायब हुए थे।
लगभग 350 बच्चों को बरामद कर लिया गया है।
इन घटनाओं के पीछे कई कारण हैं।

राजधानी रांची में बच्चों के गायब होने की घटनाएं-
जनवरी 2026 में धुर्वा इलाके से दो बच्चे गायब हो गए थे।
DGP और CID की टीम ने रामगढ़ इलाके से अगवा किए गए बच्चों को बचाया था।
अप्रैल में रातु इलाके से एक बच्चे के गायब होने की खबर मिली थी।
मई में कोकर इलाके से एक लड़की गायब हो गई थी।
अब धुर्वा से तीन बच्चों—करण, अर्जुन और शिवा—के गायब होने की खबरें आ रही हैं।
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