रामगढ़ ज़िले के CCL अरगड्डा इलाके के जंगल में एक illegal coal mine खदान में फंसने से चार मज़दूरों की मौत हो गई। यह घटना पुरानी अरगड्डा खदानों के सामने जंगल में स्थित चपरी गांव के काजू के बागान में हुई। पुलिस और माइन रेस्क्यू टीम की मदद लेकर illegal coal mine से चारों मज़दूरों के शव निकाले गए। illegal coal mine में मरने वालों में बुध बाज़ार के किशोर और आशीष, तथा टोंगी गांव के देवा और डब्बू शामिल हैं। रामगढ़ पुलिस स्टेशन के इंचार्ज नवीन प्रकाश पांडे और कुज्जू आउटपोस्ट के इंचार्ज आशुतोष कुमार सिंह मौके पर मौजूद थे। 12 सदस्यों वाली माइन रेस्क्यू टीम ने गैर-कानूनी कोयला खदान से मज़दूरों को बाहर निकाला।

ऑपरेशन की अगुवाई कर रहे माइन रेस्क्यू इंचार्ज विकास कुमार ने बताया कि कोयला निकालने के लिए खोदी गई गैर-कानूनी सुरंग काफी गहरी थी; लगभग 30 फीट की गहराई पर क्षैतिज रूप से 40 फीट तक कोयला निकाला गया था। खदान के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी थी,जब टीम अंदर गई, तो ऑक्सीजन का स्तर सिर्फ़ 9% था। ऑक्सीजन की इसी कमी के कारण मज़दूरों का दम घुट गया और वे खदान के अंदर बेहोश हो गए।
वन विभाग बंद करेगा अवैध मुहाना
इस प्रकरण में डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि जंगल में अवैध मुहाने को बंद करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर जंगल में और माइनिंग एरिया में अवैध मुहाने बनाते हैं। बिना किसी सुरक्षा प्रणाली के वह अपनी जान को दांव पर लगाते हैं। इस तरह का वाकया दोबारा ना हो इसके लिए वन विभाग अपने स्तर से पहल कर रहा है। अवैध मुहाने को पूरी तरीके से बंद किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वह किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न रहे, जिससे उन्हें जान माल की हानि हो।
मृतकों के शव का पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
कुजू ओपी पुलिस ने सभी चार लाशों का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस ने बताया कि अवैध मुहाने में ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ है। जंगल में बने अवैध मुहाने को पूरी तरीके से बंद कराया जा रहा है।
हादसे के बाद पूरे इलाके में पसरा मातम
सीसीएल अरगड्डा क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद पूरे इलाके मातम पसर गया है। बुध बाजार और टोंगी गांव में चार लोगों की मौत के बाद उनके परिवार वालों के बीच की कोहराम मचा है।
इसे भी पढ़ें – आयुष चिकत्सा प्रणाली पर गंभीर संकट : AYUSH Department में चिकत्साें के कमी पर चिंता गहराई





