ईरान अमेरिका के बीच शांति की उम्मीद बढ़ने के वजह से दुनियाभर के बाजारों में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली। अगर शनिवार और रविवार को स्थिति सामान्य बनी रही तो सोमवार को भी बाजार में अच्छी रौनक देखने को मिल सकती है।

हालांकि इसकी उम्मीद कम दिख रही है क्योंकि इजरायल लेबनान के मुददे पर कुछ मानने को तैयार नहीं है। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह और लेबनान पर वो हमला करता रहेगा। जबकि ईरान चाहता है सीजफायर में लेबनान भी शामिल हो और अमेरिका ये आश्वस्त करे कि सीजफायर के बाद लेबनान पर हमला नहीं होगा। लेकिन अमेरिका इसे मानने को तैयार नहीं दिख रहा है। वहीं दूसरी हो ईरान अपने फ्रीज एसेट्स को रिलीज करने की मांग कर रह है। सबसे अहम है 60 परसेंट से ज्यादा परिष्कृत यूरेनियम पर बात पर सहमति क्योंकि अमेरिका कहता है ऐसा है जबकि ईरान का कहना है उसके पास ऐसा कुछ नहीं है।
शुक्रवार को भारतीय शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। सेंसेक्स करीब 1700 प्वाइंट की बढ़त के साथ 75528 पर बंद हुआ वहीं निफ्टी में 450 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी के साथ 23622 पर बंद हुआ। केवल भारतीय बाजार ही नहीं जापान का निक्केई 1800 प्वाइंट से ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुआ और हांगकांग का हेंगसेंग में भी करीब 2 परसेंट की उछाल देखने को मिली। चीन कोरिया से लेकर दुनियाभर के बाजार में शांति की उम्मीद पर फाइनेंशियल बाजारों मे उछाल देखने को मिली।
अब ये देखने वाली बात होगी की कल रविवार को जेनेवा में अमेरिकी राष्ट्रपति शांति समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं या नहीं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी अगले 24 घंटे में समझौता होने की उम्मीद जताई है। हालांकि जबसे युद्ध शुरू हुआ है तब से करीब 40 बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के करीब होने की बात कर चुके हैं।
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