सातवें आसमान से चांदी की कीमतें जमीन पर आ चुकी है। पिछले 5 महीनों में भाव आधा हो चुका है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में चांदी की कीमते 121 डॉलर प्रति औंस के अपने शिखर पर थी जो कि अब लुढ़कर 64 डॉलर प्रति औंस हो चुकी है। जी हां पिछले हफ्ते अंतरराषट्रीय बाजारों में यही कीमत पर चांदी बिक रही थी।

भारतीय बाजार की अगर बात करें तो यहां भी ट्रेंड ऐसा ही है। एमसीएक्स फ्यूचर बाजार में चांदी की कीमतें 4.28 लाख प्रति किलो से फिसलकर 2.39 लाख प्रति किलो पर पहुंच चुकी है।
चांदी की कीमतों में इतनी भारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सतर्क हो चुके हैं। निवेशकों को लगता है कि किसी रिलय डिमांड की वजह से नहीं बल्कि स्पेकुलेशन की वजह से कीमतें आसमान पर पहुंच गई थी। जो अब धीरे-धीरे सेटल हो रही हैं। यही नहीं निवेशक चांदी की कीमतों में और गिरवाट की उम्मीद कर रहे हैं।
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जानकारों का मानना है कि इंडस्ट्री में सिल्वर की डिमांड लगातार बनी हुई है। फिलहाल जो करेक्शन दिख रहा है वो मुनाफावसूली का परिणाम है और लंबी अवधि में अभी भी सिल्वर में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है।





