पुलिस ने Cybercrime के मामलों को लेकर गंभीरता दिखाई है, इन मामलों को संभालने के लिए पलामू, गढ़वा और लातेहार ज़िलों में स्पेशल टीमें बनाई जा रही है जिसके तहत Cybercrime का जांच किया जाएगा। ये टीमें जांच और उसके बाद की कार्रवाई में Cybercrime गैंग को पकड़ने में पुलिस अधिकारियों की मदद करेंगी। पलामू, गढ़वा और लातेहार इलाकों में Cybercrime के मामलों की समीक्षा से पता चला है कि पलामू में 124, गढ़वा में 126 और लातेहार में 24 मामलों में शामिल आरोपियों की पहचान और पते की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुष्टि न हो पाने के कारण इन मामलों की जांच रुकी हुई है, जिससे पुलिस को सक्रिय कदम उठाने पड़े हैं। अब तक हुई प्रगति का आकलन करने के लिए हर मामले की अलग-अलग समीक्षा की जा रही है।

DIG ने बताया कि पलामू डिवीज़न के तीनों ज़िलों में साइबर क्राइम के उन सभी मामलों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें पहचान और पते की पुष्टि के लिए दूसरे राज्यों या ज़िलों में जाने की ज़रूरत है, ताकि ज़रूरी कार्रवाई के लिए स्पेशल टीमें तैनात की जा सकें। देखते – देखते झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराध का गढ़ बन गया है हर दिन जामताड़ा से साइबर अपराध के सौ केस आते है। हर दिन साइबर अपराध के जाल में बूढ़े- बच्चे और औरते फंसते जा रहे है।
असल में, पलामू, गढ़वा और लातेहार इलाकों में साइबर क्राइम के मामलों के तार अक्सर राजस्थान, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे कई अन्य राज्यों से जुड़े होते हैं। साइबर अपराधी अक्सर नकली सिम कार्ड और जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी असली पहचान और पते का पता लगाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इन्हीं खास मुद्दों को देखते हुए, पुलिस जांच में तेज़ी लाने और अपराधियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें बना रही है।
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