मैथन में डीवीसी (DVC) के खिलाफ विस्थापितों का गुस्सा फूट पड़ा। दामोदर वैली बास्तुहारा संग्राम समिति के बैनर तले सैकड़ों विस्थापितों ने डीवीसी (DVC) प्रशासनिक भवन के सामने धरना दिया। विस्थापितों का आरोप है कि डीवीसी (DVC) ने जल-जंगल-जमीन तो ले ली, लेकिन वादे पूरे नहीं किए। दामोदर वैली बास्तुहारा संग्राम समिति के नेतृत्व में विस्थापितों ने मैथन स्थित डीवीसी प्रशासनिक भवन के समक्ष 13 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों का कहना है कि डीवीसी प्रबंधन ने आज तक एक भी वादा पूरा नहीं किया। डैम बनाने के लिए हमारी जल-जंगल-जमीन सब चली गई। कई गांव डूब गए, लेकिन यहां के विस्थापितों को अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि इस बार की लड़ाई आर-पार की होगी। अगर मांगों पर वार्ता नहीं हुई और समाधान नहीं निकला तो वे जान देने को भी तैयार हैं।

समिति की मुख्य मांगों में विस्थापित परिवारों को नौकरी, उचित मुआवजा, पुनर्वास, जमीन का पट्टा और बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से फाइलें घूम रही हैं लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। इधर धरना का नेतृत्व कर रहे विस्थापित वासुदेव महतो का कहना है कि डीवीसी ने हमसे सब कुछ छीन लिया। डैम बन गया, बिजली बन रही है, लेकिन हमारा घर-बार उजड़ गया। नौकरी का वादा था, जमीन का वादा था, कुछ नहीं मिला। अब सिर्फ आश्वासन नहीं चलेगा। इस बार आर-पार की लड़ाई है। मांग नहीं मानी तो जान भी दे देंगे।
विस्थापित लोगों का मुख्य आरोप है कि DVC प्रोजेक्ट्स के लिए उनकी ज़मीनें तो ले ली गईं, लेकिन स्थानीय निवासियों को नौकरी नहीं मिली। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें नौकरी नहीं दी जाती है, तो उनकी जमीनें उन्हें वापस कर दी जानी चाहिए ताकि वे खेती-बाड़ी करके अपनी आजीविका चला सकें।





