भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) गढ़वा इकाई के नेतृत्व में शनिवार को टाउन हॉल मैदान से रंका मोड़ तक कैंडल मार्च (candlelight march )निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, महिला-पुरुष, युवा एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए। इस दौरान candlelight march प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। candlelight march के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि भरत तिवारी की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार इस मामले में पारदर्शिता बरतने में विफल रही है। नेताओं ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर मामले की सीबीआई जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असफल रही है और निर्दोष लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी की मौत एक सामान्य घटना नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
झामुमो नेताओं ने गढ़वा के भाजपा विधायक सत्येंद्र तिवारी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज के ज्वलंत मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए, लेकिन इस मामले में स्थानीय विधायक मौन साधे हुए हैं। नेताओं ने कहा कि जनता जानना चाहती है कि भरत तिवारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामले पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है और वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं या नहीं।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “इंसाफ दो”, “दोषियों को सजा दो”, “सीबीआई जांच कराओ” और “फर्जी एनकाउंटर बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय सर्वोपरि होना चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को ऐसे मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनता की भावनाओं और पीड़ित परिवार के दर्द को समझने में विफल रहे हैं। झामुमो नेताओं ने कहा कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
मार्च के समापन पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मामले की सीबीआई जांच कराने, दोषियों को कठोर दंड देने तथा कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग दोहराई। नेताओं ने कहा कि न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
कैंडल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान भरत तिवारी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ न्याय की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। झामुमो नेताओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति के न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि कानून के शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का भी प्रश्न है।
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