धनबाद के सदर अस्पताल में बच्चों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार को धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन और उप विकास आयुक्त सनी राज ने संयुक्त रूप से मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड, पार्किंग शेड और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के विशेष जांच शिविर का उद्घाटन किया। इसके बाद अधिकारियों ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। जिला प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि पिछले एक वर्ष में सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के चेहरों पर दिख रहा संतोष मेडिकल टीम और स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा भावना का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
11 से 22 अगस्त तक चलेगा विशेष RBSK कैंप
जिले में 11 से 22 अगस्त तक 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए विशेष RBSK कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के दौरान जन्मजात बीमारियों, हृदय रोग, आंख और कान से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ हाथ-पैर तथा दांतों से संबंधित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों की जांच कर उन्हें आवश्यकतानुसार मुफ्त इलाज और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार पिछले तीन से चार महीनों के दौरान RBSK टीमों ने स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में लगभग 700 बच्चों की स्क्रीनिंग की है। स्क्रीनिंग में चिन्हित बच्चों को उनकी बीमारी और उपचार की आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और समय पर उपचार उपलब्ध कराना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। धनबाद में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान भी RBSK समेत कई बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।
सॉफ्टवेयर के जरिए होगी बच्चों के इलाज की लगातार निगरानी
प्रशासन ने बच्चों के इलाज की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर GAPs के माध्यम से उनकी ट्रैकिंग की व्यवस्था की है। इसके जरिए प्रत्येक बच्चे के उपचार की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। बच्चे के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सिस्टम में दर्ज रहेगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बच्चे का इलाज बीच में न छूटे।
अधिकांश सर्जरी सदर अस्पताल में कराने का लक्ष्य
जिला प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक बच्चों की सर्जरी और आवश्यक उपचार की सुविधा सदर अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जाए। इससे जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिलेवासियों से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य सीएचसी, पीएचसी और सदर अस्पताल के स्तर पर लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बच्चों के लिए शुरू किया गया यह विशेष अभियान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है क्योंकि गंभीर बीमारियों के इलाज और सर्जरी का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
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