करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह (Himanshu Singh) हत्याकांड के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने ट्रैफिक शाखा में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए 42 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला कर दिया है। हिमांशु सिंह (Himanshu Singh) हत्याकांड के बाद साथ ही शहर के सभी ट्रैफिक थानों से पांच-पांच जवानों को विभिन्न थानों में प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि गश्त, अपराधियों की धरपकड़ और त्वरित कार्रवाई को और मजबूत बनाया जा सके। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार ट्रैफिक थाना साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, गोलमुरी और मानगो में तैनात अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक और महिला सहायक अवर निरीक्षकों को शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न थानों, सीसीआर और पुलिस केंद्र में पदस्थापित किया गया है। हिमांशु सिंह (Himanshu Singh) हत्याकांड के बाद सभी अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में शहर में हत्या, लूट, छिनतई और फायरिंग जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे. ऐसे में ट्रैफिक शाखा से अनुभवी अधिकारियों और जवानों को थानों में भेजने का फैसला लिया गया है, ताकि अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस फेरबदल के बाद रात में गश्त बढ़ेगी, संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी मजबूत होगी और किसी भी आपराधिक घटना पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। वहीं ट्रैफिक शाखा से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के हटने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता है. जारी आदेश के तहत ट्रैफिक शाखा के 42 पुलिस पदाधिकारियों को अलग-अलग थानों, सीसीआर और पुलिस केंद्र में भेजा गया है. इसके अलावा प्रत्येक ट्रैफिक थाना से पांच-पांच जवानों को भी थाना ड्यूटी में लगाया गया है. पुलिस केंद्र, गोलमुरी को सभी स्थानांतरित अधिकारियों का योगदान सुनिश्चित कराने और अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. पुलिस महकमे में इस बड़े फेरबदल को हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज होगा तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसी तरह के अन्य कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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