मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 को लेकर धनबाद जिला प्रशासन लगातार पारदर्शिता बनाए रखने का दावा कर रहा है। लेकिन लोकल स्तर SIR प्रक्रिया में धांधली (Irregularities) की धुआं निकल रही है। SIR प्रक्रिया में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि SIR फॉर्म भरने के लिए किसी भी व्यक्ति को पैसा देना या लेना धांधली (Irregularities) या दंडनीय अपराध है।लेकि इसके बावजूद झरिया से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक कथित बीएलओ महिला मतदाताओं से SIR फॉर्म भरने के नाम पर रुपये लेते हुए दिखाई दे रही है। जिसको लेकर लोगों का कहना है कि इस प्रकार का धांधली (Irregularities) ग्रामीण स्तर पर ठीक नहीं है

मामला झरिया के चिल्ड्रेन पार्क के पास वार्ड संख्या-43 का बताया जा रहा है। यहां सड़क किनारे बैठी एक महिला, जिसे स्थानीय लोग बीएलओ बता रहे हैं, मतदाताओं से SIR फॉर्म भरने के एवज में पैसे लेती नजर आ रही है। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने फॉर्म भरवाने के लिए रुपये दिए हैं। उनका कहना है कि सरकारी काम बिना पैसे के नहीं होता।
स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित बीएलओ भागा शालीमार क्षेत्र से यहां आकर फॉर्म भरने का काम करती हैं और लोगों से रुपये वसूलती हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिख रही महिला अधिकृत बीएलओ हैं या नहीं। इसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही धनबाद एसडीएम लोकेश बारंगे ने वासेपुर में पैसे लेकर SIR फॉर्म भरने वाले एक साइबर कैफे को सील किया था और लोगों से अपील की थी कि वे केवल अधिकृत बीएलओ, बीएलए-2, सुपरवाइजर या अन्य अधिकृत कर्मियों की ही सहायता लें तथा किसी को भी पैसा न दें।
अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह SIR-2026 की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करेगा। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है।





