रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में नामांकन के लिए सीटें घटाए जाने को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नामांकन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि DSPMU में सीटें कम होने से योग्य छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, DSPMU विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सीटों की संख्या राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार तय की गई है।

डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने बताया कि प्रत्येक विभाग की सीटों की संख्या राज्य सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित की गई है। यह निर्णय विश्वविद्यालय की क्षमता, शिक्षकों की उपलब्धता और संबंधित कोर्स की मांग को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सरकार द्वारा तय की गई सीटों के अनुसार ही नामांकन करेगा। उनका मानना है कि सीमित और व्यवस्थित नामांकन से छात्रों को बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वहीं, छात्रों ने नामांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि CUET में 90 प्रतिशत तक अंक लाने वाले कई छात्रों का नामांकन नहीं हो रहा, जबकि बहुत कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि सिंडिकेट के नियम के अनुसार CUET कम से कम 45 प्रतिशत यानी 112 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों का नामांकन होना चाहिए, लेकिन इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि साइंस विषय में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों का अन्य विषयों, जैसे अकाउंटेंसी, में उन्हीं अंकों के आधार पर नामांकन किया जा रहा है, जिससे मेरिट प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कई विभागों में 7 से 8 छात्रों का नामांकन होने के बाद देर शाम पूरी नामांकन प्रक्रिया रद्द कर दी गई।
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