झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित 90 हजार करोड़ रुपये के एमओयू को लेकर भाजपा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल (Dindayal) ने कहा कि सरकार निवेश के नाम पर केवल बड़े-बड़े आयोजन कर रही है, लेकिन धरातल पर उद्योग लगाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने में पूरी तरह विफल रही है। Dindayal का कहना था कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ता भ्रष्टाचार और सरकार के भीतर आपसी खींचतान के कारण कोई भी निवेशक झारखंड में निवेश करने से हिचकेगा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल (Dindayal) ने कहा कि सरकार इवेंट करती रहे, इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सिर्फ एमओयू पर हस्ताक्षर कर लेने से निवेश नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में आए दिन लूट, अपराध और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार के मंत्री आपस में ही विवाद में उलझे हुए हैं, जिससे निवेशकों के बीच गलत संदेश जा रहा है।

उन्होंने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह सरकार के “फूफा” बनकर बैठे हैं। भाजपा का आरोप है कि निवेश आकर्षित करने के बजाय सरकार जनता के पैसे से अधिकारियों को फाइव स्टार होटलों में ठहरा रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। दीनदयाल ने कहा कि जब तक झारखंड में कानून-व्यवस्था मजबूत नहीं होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक कोई भी निवेशक राज्य में अपना पैसा लगाने के लिए आगे नहीं आएगा।
बीजेपी लगातार राज्य सरकार से झारखंड की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और विभिन्न योजनाओं में कथित अनियमितताओं के बारे में जवाब मांग रही है। हालांकि, राज्य सरकार और सत्ताधारी पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
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