झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर जमशेदपुर में संभावित हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल (mock drill) का आयोजन किया गया। शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर मॉक ड्रिल (mock drill) का आयोजित इस अभ्यास में सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य आपदा राहत एजेंसियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल (mock drill) के जरिए यह परखा गया कि किसी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य कितनी तेजी और समन्वय के साथ किया जा सकता है। झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव एजेंसियों की तैयारियों को परखना था।

इसके लिए जमशेदपुर में दो अलग-अलग स्थानों का चयन किया गया, जहां काल्पनिक हवाई हमले की स्थिति बनाई गई। मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस की टीम, फायर ब्रिगेड, पुलिस बल, एंबुलेंस और चिकित्सा कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया।
इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा के समय प्रभावी राहत एवं बचाव अभियान चलाने की तैयारियों का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को कम करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
एक मॉक ड्रिल में आग लगने की स्थिति का अभ्यास किया गया, जिसमें पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमों ने मिलकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया। इसमें आग पर तेज़ी से काबू पाने, सुरक्षित रूप से लोगों को बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सुरक्षा उपायों के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इसे भी पढ़े- बुधमू (Budhmu) के सर्किल ऑफिस (CO) सच्चिदानंद कुमार वर्मा गिरफ्तार, ACB की कार्रवाई को बताया जा रहा है “गैर-कानूनी





