रांची नगर निगम शहर की हरियाली बढ़ाने और झारखंड की प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में बड़े स्तर पर ‘सखुआ महोत्सव’ आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है। इसी को लेकर शनिवार को नगर निगम कार्यालय में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में उपमहापौर नीरज कुमार तथा शहर के सभी 53 वार्डों के पार्षदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 8 अगस्ते से शुरू हो रहे महोत्सव की तैयारी, आयोजन की रूपरेखा और जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के बाद महापौर रोशनी खलखो ने बताया कि नगर निगम इस महोत्सव को केवल पौधारोपण कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का व्यापक अभियान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन में सामाजिक संगठनों, वार्ड पार्षदों, पर्यावरण प्रेमियों और समाज के प्रबुद्ध लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सामूहिक सहयोग से ऐसे स्थानों का चयन किया जा सके जहां बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा सके।
महापौर ने कहा कि सखुआ झारखंड की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसलिए महोत्सव के दौरान केवल सखुआ ही नहीं, बल्कि महुआ, पलाश, कुसुम, डाहू सहित राज्य की जैव विविधता से जुड़े अन्य स्थानीय प्रजातियों के पौधे भी लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय वनस्पतियों को बढ़ावा मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रूप में मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि पहले इस महोत्सव का आयोजन 1 अगस्त को प्रस्तावित था लेकिन आवश्यक तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण इसकी तिथि आगे बढ़ा दी गई है। अब इसकी शुरुआत ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाले 21 महादेव स्थल से की जाएगी। इस स्थल पर युद्धस्तर पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि इसे शहर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा सके।
महापौर ने कहा कि 21 महादेव स्थल लंबे समय तक झाड़ियों और उपेक्षा के कारण लोगों की नजरों से ओझल रहा। नगर निगम द्वारा कराई गई साफ-सफाई के बाद इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान एक बार फिर सामने आई है। निगम का प्रयास है कि इस स्थल को शहर ही नहीं, बल्कि राज्य के प्रमुख आस्था और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने बताया कि सखुआ महोत्सव की शुरुआत 21 महादेव स्थल से होगी, जिसके बाद लगभग एक महीने तक शहर के सभी 53 वार्डों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, वृक्षों के महत्व और हरित शहर के निर्माण को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान में पार्षदों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय नागरिक भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
नगर निगम का मानना है कि सामुदायिक सहभागिता से संचालित यह महोत्सव न केवल शहर की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता भी विकसित करेगा। इससे रांची को एक स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है।
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