लोहरदगा पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर शुभम कुमार हत्याकांड, खत्री ज्वेलर्स में लूट के प्रयास और पतराटोली पेट्रोल पंप पर छिनतई की कोशिश का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा, .315 बोर की एक जिंदा गोली और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि 30 जुलाई को सबसे पहले अपर बाजार स्थित खत्री ज्वेलर्स में हथियार के बल पर लूट का प्रयास किया गया। घटना विफल होने के बाद आरोपी पतराटोली पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां कर्मचारियों के विरोध के कारण उनकी छिनतई की कोशिश भी नाकाम रही। इसके बाद दोनों आरोपी पास के प्रिया स्टोर पहुंचे, जहां दुकान संचालक शुभम कुमार को गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल शुभम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने लगातार छापेमारी, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। आखिरकार 1 अगस्त की सुबह ओयना गांव के एक बंद मकान से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने तीनों घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
मुख्य आरोपी लाल रौशन नाथ शाहदेव ने पूछताछ में बताया कि ज्वेलरी दुकान में पहले हुई कहासुनी के बाद उसने वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। वहीं शुभम कुमार की हत्या को लेकर उसने व्यक्तिगत दुश्मनी और मुखबिरी की आशंका का दावा किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर अनुसंधान जारी है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से लूट, हत्या के प्रयास, चोरी और अवैध हथियारों से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने इस सफलता का श्रेय एसआईटी, तकनीकी टीम और जिले के पुलिस अधिकारियों को दिया। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक, लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की बदौलत इतने कम समय में पूरे मामले का खुलासा संभव हो सका।
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