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झारखंडी धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भोलेनाथ (Bholenath) भक्तों के भक्ती में डूबे लोग

On: August 3, 2026 8:02 PM
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झारखंडी धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भोलेनाथ (Bholenath) भक्तों के भक्ती में डूबे लोग
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गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड में स्थित झारखंडी धाम आस्था और विश्वास का ऐसा पवित्र केंद्र, जहां सावन के महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ (Bholenath) का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से झारखंडी धाम में पूजा-अर्चना करने से बाबा भोलेनाथ भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। जमुआ का झारखंडी धाम सिर्फ  भोलेनाथ (Bholenath) का एक मंदिर नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। सावन शुरू होते ही भोलेनाथ (Bholenath) का एक मंदिर परिसर और आसपास का इलाका हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठता है।

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कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु पवित्र जल से बाबा का जलाभिषेक करते हैं। सुबह से ही मंदिर में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो जाता है और दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। झारखंडी धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां विराजमान भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। यही आस्था हर साल हजारों लोगों को इस धाम तक खींच लाती है।

सावन के सोमवार और विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ जाती है। मंदिर परिसर में पूजा सामग्री, फूल-बेलपत्र और प्रसाद की दुकानें सज जाती हैं। पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में बदल जाता है। “हम लोग यहां बाबा का दर्शन और जलाभिषेक करने आए हैं। बाबा पर हमारी पूरी आस्था है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामना पूरी होती है।”

झारखंडी धाम की धार्मिक पहचान के साथ-साथ यह क्षेत्र स्थानीय लोगों की आस्था और परंपरा से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। सावन के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय स्तर पर कई तरह की व्यवस्थाएं भी की जाती हैं।

“गिरिडीह के जमुआ का झारखंडी धाम… जहां सावन के महीने में हर तरफ सिर्फ बाबा भोलेनाथ की भक्ति दिखाई देती है। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामना मांग रहे हैं। भक्तों का विश्वास है कि झारखंडी धाम में आने वाला कोई भी भक्त बाबा के दरबार से खाली हाथ वापस नहीं लौटता।”

तो यह था गिरिडीह के जमुआ क्षेत्र का झारखंडी धाम… जहां आस्था, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सावन में यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात की गवाही देती है कि बाबा भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।

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