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निर्माणाधीन भवन की छत की Centering अचानक भरभराकर गिरी, गुणवत्ता की जांच करने का आदेश

On: August 3, 2026 7:48 PM
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निर्माणाधीन भवन की छत की Centering अचानक भरभराकर गिरी, गुणवत्ता की जांच करने का आदेश
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जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के निर्माणाधीन भवन की छत की सेंटरिंग (Centering) अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। सेंटरिंग (Centering) अचानक भरभराकर कर गिरने के  घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संवेदक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं, हालांकि, गनीमत रही कि (Centering) अचानक भरभराकर कर गिरने के   घटना में किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, जानकारी के अनुसार, प्रखंड कार्यालय परिसर में पूर्व से निर्मित पानी टंकी के समीप पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से भवन का निर्माण कराया जा रहा है। छत की ढलाई का काम शुरू किया जाना था। इसी दौरान सेंटरिंग का बड़ा हिस्सा अचानक खुल गया और पूरी संरचना नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि करीब 80 प्रतिशत ढलाई का कार्य पूरा हो चुका था, जिसके बाद सेंटरिंग कमजोर पड़ने से यह घटना हुई।

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घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

नारायणपुर प्रखंड एवं नारायणपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य पवन पोद्दार ने संवेदक और मिस्त्री पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि पानी टंकी से नियमित पेयजल आपूर्ति हो और लोगों को इसका लाभ मिले। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान सेंटरिंग का इस तरह गिरना गंभीर मामला है।

उन्होंने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने, गुणवत्ता की जांच करने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता संतोष महतो ने बताया कि छत की ढलाई का कार्य दो दिनों में पूरा किया जाना था। करीब 150×60 के क्षेत्र में ढलाई होनी थी, लेकिन कार्य की शुरुआत में ही सेंटरिंग खुलकर नीचे गिर गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि निर्माण से पहले सेंटरिंग और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी? क्या निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जा रहा था? फिलहाल स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

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