सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। झारखंड पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), 203 कोबरा बटालियन (CoBRA) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त टीम ने भाकपा (माओवादी) के कुख्यात जोनल कमांडर रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार समेत तीन सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान अत्याधुनिक हथियारों, सैकड़ों जिंदा कारतूस और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया, जिसे सुरक्षा एजेंसियां नक्सल नेटवर्क के खिलाफ बड़ी उपलब्धि मान रही हैं।

गिरफ्तार किए गए अन्य उग्रवादियों में पश्चिम बंगाल-झारखंड-ओडिशा रीजनल कमेटी का सक्रिय सदस्य मदन महतो और रवि सिंह सरदार की पत्नी मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया शामिल हैं। पुलिस के अनुसार तीनों लंबे समय से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय थे और कई गंभीर घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चांडिल थाना क्षेत्र के उदयपुर (टीलाडीह) गांव में माओवादी संगठन के सदस्य किसी बड़ी हिंसक वारदात की योजना बनाने के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना की पुष्टि के बाद झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और एसएसबी की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर विशेष अभियान शुरू किया।
अभियान के पहले चरण में सुरक्षा बलों ने रवि सिंह सरदार को एक लोडेड AKM-47 रायफल के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिली अहम जानकारी के आधार पर टीम ने चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा इलाके में दूसरा अभियान चलाया, जहां से मदन महतो और मीना पहाड़िया को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि दोनों अभियानों की सफलता से संगठन के स्थानीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
गिरफ्तार उग्रवादियों की निशानदेही पर दलमा पहाड़ और आसपास के ठिकानों में तलाशी अभियान चलाया गया। यहां से एक लोडेड AKM-47 रायफल, दो मैगजीन, एक इंसास रायफल, एक 9 एमएम पिस्टल, 500 से अधिक जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कोडेक्स वायर, मोटोरोला वॉकी-टॉकी, पुलिस बेल्ट, टॉर्च, छाता और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार बरामद इंसास रायफल पहले सुरक्षा बलों से लूटी गई थी, जिसकी भी जांच की जा रही है।
203 कोबरा बटालियन के कमांडेंट पवन कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी कोल्हान, सारंडा और पश्चिमी सिंहभूम के जंगलों में लंबे समय से सक्रिय थे। प्रारंभिक जांच में इनके सुरक्षा बलों पर हमलों, कुकड़ू क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद हथियार लूटने, आईईडी विस्फोट करने और कई अन्य नक्सली गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन मामलों में अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से सरायकेला-खरसावां और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार उग्रवादियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों के ठिकानों और संभावित योजनाओं की जानकारी जुटाई जा सके। साथ ही दलमा और आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है, ताकि क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए उग्रवादियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
Also Read- मुंगेर में ED की बड़ी कार्रवाई, जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी





