विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को गढ़वा के स्थानीय नगर भवन में जिला प्रशासन की ओर से भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर समेत अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में आदिवासी समाज की समृद्ध कला, संस्कृति, परंपरा और विरासत की आकर्षक झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और नाटक की प्रस्तुति देकर समारोह में आदिवासी संस्कृति के रंग भर दिए। आयोजन स्थल पर पारंपरिक खान-पान और आदिवासी शिल्प कला से जुड़े स्टॉल भी लगाए गए, जहां लोगों ने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत वन भूमि के पट्टों का वितरण रहा। इस अवसर पर कुल 17 लाभुकों के बीच 1677 एकड़ वन भूमि का पट्टा वितरित किया गया। इनमें 13 लाभुकों को कुल 19 एकड़ व्यक्तिगत वन पट्टा, जबकि चार लाभुकों को 1658 एकड़ सामुदायिक वन पट्टा प्रदान किया गया। वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वनवासी आदिवासी समुदायों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों को मान्यता दी जाती है।
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, पारंपरिक ज्ञान और गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आदिवासी समाज की पहचान और विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के सामूहिक संकल्प को भी मजबूत करते हैं।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने आदिवासी समाज के लोगों से अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने शिक्षा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए वैज्ञानिक सोच को अपनाने और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों, कर्मियों एवं अन्य लोगों को सम्मानित भी किया गया। इससे पहले सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, वन प्रमंडल पदाधिकारी अंशुमान एवं ईबी अब्राहम, नगर परिषद अध्यक्ष आशीष कुमार सोनी समेत जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।
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