झारखंड को कोडरमा में अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर कोडरमा जिले के डोमचांच में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। युवा शक्ति एक नई सोच के नेतृत्व में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय लोग हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरा डोमचांच क्षेत्र भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा।
तिरंगा यात्रा चंद्रावती स्मारक हाई स्कूल के मैदान से शुरू हुई और डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरी। यात्रा में प्रखंड के 26 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने यात्रा में शामिल विद्यार्थियों और अन्य लोगों का स्वागत किया।
करीब तीन किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, शहीदों के बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ना रहा। आयोजकों ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की स्मृति को जीवंत रखना और युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
डोमचांच के इतिहास में 9 अगस्त 1942 का दिन विशेष महत्व रखता है। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान इसी दिन डोमचांच के तीमुहाने पर हजारों लोग अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एकजुट हुए थे। आंदोलनकारियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विरोध का बिगुल फूंका था। इस दौरान तत्कालीन अंग्रेज अधिकारी जी. रसल के नेतृत्व में आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी की गई।
गोलीबारी और दमनात्मक कार्रवाई में चुरामन मोदी, नुनमन धोबी, उदित नारायण मेहता और मंगल साव घायल हुए थे। चुरामन मोदी और नुनमन धोबी ने मौके पर ही देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, जबकि बाद में उदित नारायण मेहता और मंगल साव की भी मृत्यु हो गई। उसी दौर में आंदोलनकारियों ने कलाली और डाकघर को भी आग के हवाले कर दिया था।
अगस्त क्रांति के इन वीर शहीदों की स्मृति आज भी डोमचांच की सामाजिक चेतना में जीवित है। उनकी शहादत को याद करते हुए प्रत्येक वर्ष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। तिरंगा यात्रा के माध्यम से एक बार फिर नई पीढ़ी ने इन वीरों के बलिदान को नमन किया और देश की एकता, अखंडता तथा स्वतंत्रता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
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