धनबाद के पुटकी स्थित प्रसिद्ध भटिंडा फॉल में दर्दनाक हादसे में चाचा-भतीजे की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान जोगता थाना क्षेत्र के श्याम बाजार निवासी आयुष कुमार और उनके चाचा प्रजीत पांडेय के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आयुष अपने जन्मदिन के मौके पर चाचा और दोस्तों के साथ भटिंडा फॉल घूमने पहुंचे थे।
जानकारी के अनुसार सभी दोस्तों ने पहले वहां नाश्ता किया। इसके बाद आयुष अपने चाचा प्रजीत पांडेय के साथ फॉल की ओर घूमने गए। इसी दौरान फोटोग्राफी करने के क्रम में आयुष का पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगा। भतीजे को डूबता देख चाचा ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज धार में दोनों एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में पानी में बह गए।
आयुष और उसके चाचा को पानी में डूबता देख साथ आए दोस्तों ने शोर मचाया और आसपास मौजूद स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद भटिंडा फॉल के स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और दोनों की तलाश शुरू की। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव पानी से बाहर निकाले।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के संबंध में आगे कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
गौरतलब है कि भटिंडा फॉल धनबाद रेलवे स्टेशन से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग पिकनिक और घूमने के लिए पहुंचते हैं। फॉल के आसपास चट्टानी क्षेत्र और पानी का तेज बहाव होने के कारण सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
पिछले महीन भी इसी तरह का एक हादसा देखने को मिला था। ITI की परीक्षा देकर घूमने गया गिरिडीह का एक छात्र (ओम प्रकाश उर्फ गोलू) सेल्फी लेने के दौरान गहरे पानी में फिसलकर डूब गया जिससे उसकी मौत हो गई। अभी कुछ दिन पहले ही बोकारो से आए तीन युवक झरने के तेज बहाव में फंस गए थे जिन्हें स्थानीय गोताखोरों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला था।
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