Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

छात्र आंदोलन पर संजय सेठ का सरकार पर हमला, JPSC-JSSC विवाद में CBI जांच की मांग तेज

छात्र आंदोलन पर संजय सेठ का सरकार पर हमला, JPSC-JSSC विवाद में CBI जांच की मांग तेज
---Advertisement---

रांची में छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। बीजेपी कार्यालय में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 26 दिनों से छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज कराया।

संजय सेठ के मुताबिक, रांची के अलावा गिरिडीह, हजारीबाग और गढ़वा समेत कई इलाकों में छात्रों और जेएमएम कार्यकर्ताओं को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। बीजेपी ने सरकार से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर भी संजय सेठ ने सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी पहले भी विवादों में रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, TDPL के जरिए झारखंड में कई भर्ती परीक्षाएं आयोजित हुई हैं और एजेंसी को लेकर अनियमितताओं के आरोपों की जांच भी चल रही है।

संजय सेठ ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में TDPL को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद झारखंड में उसे परीक्षा से जुड़े काम दिए गए। द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, TDPL को 2024 में तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था और झारखंड में परीक्षा का काम उसे सामान्य टेंडर प्रक्रिया के बजाय नामांकन के जरिए दिए जाने की बात जांच में सामने आई है।

उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच के बावजूद परीक्षा विवाद से जुड़े कई सवालों का जवाब अभी सामने आना बाकी है। बीजेपी का आरोप है कि पूरे मामले में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रभावशाली लोगों के नेटवर्क की भूमिका की आशंका है। इसी वजह से पार्टी लगातार मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग कर रही है।

इस बीच झारखंड सरकार ने हाल में TDPL के जरिए 2014 के बाद कराई गई परीक्षाओं की जांच और कई परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इसमें JSSC-CGL समेत अन्य परीक्षाएं भी शामिल हैं। सरकार के इस फैसले को लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। JPSC की 11वीं और 13वीं सिविल सेवा परीक्षा तथा नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाई कोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को रोक लगा दी है। इससे परीक्षा विवाद अब राजनीतिक आंदोलन के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी पहुंच गया है।

संजय सेठ ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष और व्यापक जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। बीजेपी का कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस पूरे प्रकरण में सच्चाई सामने लाने के लिए CBI जांच सबसे उचित रास्ता है।

Also Read- नामकुम अंचल राजस्व मामले में HC का ACB को FIR दर्ज करने का निर्देश

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से बदली श्रीमती मोती पिंगुवा की जिंदगी

राजनीतिक नौटंकी छोड़ अपने BLO और BLA को सक्रिय करे कांग्रेस, SIR पर भाजपा प्रवक्ता अजय साह का तीखा हमला

राजनीतिक नौटंकी छोड़ अपने BLO और BLA को सक्रिय करे कांग्रेस, SIR पर भाजपा प्रवक्ता अजय साह का तीखा हमला

पश्चिमी सिंहभूम: जयपुर गांव के ग्रामीणों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प, गांव में अब शराब भट्ठी नहीं खुलने देने का भी किया ऐलान

प्राकृतिक खेती से श्रीमती बलेमा सामड ने लिखी सफलता की नई कहानी, एक एकड़ में ₹53 हजार का शुद्ध लाभ

रूपी सोरेन के निधन पर शोक, 14 अक्टूबर को शहीद देवेंद्र माझी को सादगी से दी जाएगी श्रद्धांजलि : जोबा माझी

लोकतंत्र की आवाज दबाकर दिल्ली को अघोषित आपातकाल में नहीं धकेल सकती केंद्र सरकार : त्रिशानु राय

Leave a Comment