झारखंड के आदिवासी छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें राज्य के इतिहास, समाज, संस्कृति एवं महत्वपूर्ण विषयों की बेहतर जानकारी देने के उद्देश्य से राजीव गांधी प्रतिभा प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की के आवास पर प्रेस वार्ता आयोजित हुई, जिसमें परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई।
बंधु तिर्की ने बताया कि रांची जिले में झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले कई छात्र-छात्राएं छात्रावासों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले इन विद्यार्थियों के सामने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासी समाज, महान स्वतंत्रता सेनानियों, राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और झारखंड से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाना भी जरूरी है।
इसी उद्देश्य से शिक्षाविदों के साथ मिलकर नवंबर महीने में राजीव गांधी प्रतिभा प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा का आयोजन रांची विश्वविद्यालय में किया जाएगा। छात्रों की संख्या अधिक होने पर परीक्षा के लिए अन्य कॉलेजों को भी केंद्र के रूप में जोड़ा जाएगा।
इस प्रतियोगिता में इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा तक के आदिवासी छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे। परीक्षा में झारखंड से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के अलावा सब्जेक्टिव और लघु उत्तरीय प्रश्न भी शामिल होंगे। इच्छुक छात्र-छात्राएं फॉर्म के माध्यम से परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
परीक्षा के परिणाम के आधार पर 20 छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को अधिकतम 50 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इनमें 10 छात्र और 10 छात्राओं का चयन किया जाएगा। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 20 सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया है।
बंधु तिर्की ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना जरूरी है और इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता विशेष रूप से आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित की जाएगी और इसमें केवल आदिवासी विद्यार्थी ही शामिल हो सकेंगे।







