Transfer Posting: धनबाद में शिक्षा विभाग की कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और मनमाने तरीके से शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के खिलाफ निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने धनबाद उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिले में शिक्षकों की पदस्थापना में नियमों की अनदेखी की जा रही है और पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन का खेल चल रहा है। विधायक की भूख हड़ताल को पूर्व विधायक आनंद महतो ने भी समर्थन दिया है।
Transfer Posting: गांवों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
भूख हड़ताल पर बैठे विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और शिक्षा विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, लेकिन उन्हें जरूरत के अनुसार स्कूलों में पदस्थापित नहीं किया जा रहा है।
विधायक के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, लेकिन छात्र-शिक्षक अनुपात के हिसाब से पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमावली और छात्र-शिक्षक अनुपात को ताक पर रखकर शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की जा रही है। इसमें कथित तौर पर पैसे लेकर मनचाही जगह पर पदस्थापना का खेल चल रहा है।
आरटीई के लाभ से गरीब बच्चों को वंचित रखने का आरोप
विधायक अरूप चटर्जी ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के क्रियान्वयन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, उनका लाभ कथित तौर पर संपन्न परिवारों के बच्चों को दिया जा रहा है। दूसरी ओर, वास्तविक जरूरतमंद बच्चे अपने अधिकारों से वंचित रह जा रहे हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की इन अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। उनके अनुसार, गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने और स्कूलों में शिक्षकों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है।
Transfer Posting: डेढ़ हजार शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर उठाए सवाल
विधायक ने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में करीब डेढ़ हजार शिक्षकों का ट्रांसफर-पोस्टिंग किया गया है। इनमें से अधिकांश शिक्षकों को शहरी क्षेत्रों में पदस्थापित किए जाने का आरोप उन्होंने लगाया। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की जरूरत होने के बावजूद वहां पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में कथित आर्थिक लेन-देन की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया। विधायक का कहना है कि जब तक शिक्षकों की पदस्थापना पारदर्शी तरीके से नहीं होगी, तब तक ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना मुश्किल है।
पूर्व विधायक आनंद महतो ने दिया समर्थन
निरसा विधायक अरूप चटर्जी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को पूर्व विधायक आनंद महतो ने भी अपना समर्थन दिया है। इस समर्थन से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है।
विधायक ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनियमितता और आरटीई के लाभ में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। फिलहाल उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
अब देखना होगा कि विधायक के आंदोलन और लगाए गए गंभीर आरोपों पर जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग क्या रुख अपनाते हैं। साथ ही, क्या प्रशासन इन आरोपों की जांच कर ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस कदम उठाता है।
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