Dhanbad News: जब कोई अधिकारी किसी बड़ी कंपनी में जीवनभर काम करने के बाद रिटायर होता है.तो उसे रिटायरमेंट पर उपहार मिलते हैं. ग्रेच्युटी राशि के साथ-साथ उसे कई ऐसी सुविधाएं मिलती हैं.लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं.जिन लोगों को उपहार के बदले चार्जशीट मिलती है.उनकी ग्रेच्युटी का भुगतान रोक दिया जाता है.

बीसीसीएल में भी यही हुआ है.किसी साधारण अधिकारी को चार्जशीट नहीं मिली.किसी साधारण अधिकारी का ग्रेच्युटी भुगतान नहीं रोका गया.
बल्कि BCCL के CMD समीरन दत्ता और डायरेक्टर फ़ाइनेंस आरके सहाय पर ये गाज़ गिरी है.यानी जाते-जाते भी BCCL CMD का भी नंबर आ गया.
आज पूरे कोयलांचल में BCCL CMD समीरन दत्ता की चर्चा ख़ूब हो रही है.31 अगस्त को वो रिटायर हो रहे हैं.इस मौके पर शानदार फेयरवेल सेरेमनी का भी आयोजन किया गया.लेकिन चर्चा ना उनके रिटायरमेंट की है ना ही फेयरवेल सेरेमनी की.दरअसल चर्चा उनके कारगुजारियों की है.
कोयला मंत्रालय के कार्रवाई की.अपने चहेते आउटसोर्सिंग कंपनी को फ़ायदा पहुंचाने के आरोप में BCCL CMD समीरन दत्ता को कोयला मंत्रालय ने चार्जशीट थमाते हुए उनकी ग्रेच्युटी भुगतान पर रोक लगा दी है.CMD समीरन दत्ता के साथ ये कार्रवाई डायरेक्टर फाइनेंस आरके सहाय पर भी हुई है.
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आरके सहाय भी समीरन दत्ता के साथ आज ही रिटायर हो रहे हैं.दरअसल आउटसोर्सिंग के दो अलग-अलग मामलों में विजिलेंस की जांच चल रही है.विजिलेंस की अनुशंसा पर ही कोयला मंत्रालय ने BCCL के दो बड़े अफ़सरों पर ये कार्रवाई की है.BCCL में रिटायरमेंट के दिन ही कर्मियों और अधिकारियों की ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रावधान है.जब BCCL के CMD और डायरेक्टर फाइनेंस की ग्रेच्युटी रोक दी गई.तो मामला सीरियस है.यानी क़ायदा BCCL का कुछ भी हो.फ़ायदा तो आउटसोर्सिंग का तय है.





