Rule Changing From 1 October: 1 अक्टूबर से देश में कई बड़े बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता के दैनिक जीवन पर पड़ेगा। खास तौर पर डिजिटल भुगतान, रेलवे टिकट बुकिंग और आधार से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। सबसे अहम बदलाव UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) से जुड़ा है। UPI का “कलेक्ट रिक्वेस्ट” फीचर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति UPI के ज़रिए किसी दूसरे यूजर से पैसे नहीं मांग पाएगा। यह कदम धोखाधड़ी और अवांछित भुगतान अनुरोधों को रोकने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा, UPI के लिए लेनदेन की सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब उपयोगकर्ता UPI का उपयोग करके एक बार में ₹5 लाख तक का भुगतान कर सकते हैं। जबकि पहले यह सीमा ₹1 लाख थी। इसके अतिरिक्त, बिल भुगतान के लिए “UPI ऑटो-पे” सेवा शुरू की गई है। इससे उपयोगकर्ता अपने मासिक बिल, जैसे मोबाइल, बिजली और गैस, का भुगतान स्वचालित रूप से कर सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, उपयोगकर्ताओं को प्रत्येक ऑटो-डेबिट की पूर्व सूचना प्राप्त होगी।
1 अक्टूबर से रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों में भी अहम बदलाव किए गए हैं। आरक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए अब आधार सत्यापन अनिवार्य है। ट्रेन आरक्षण खुलने के बाद, पहले 15 मिनट तक बुकिंग केवल उन्हीं यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने अपना आधार सत्यापित कर लिया है। इसके अलावा, सामान्य टिकट बुकिंग के लिए भी आधार अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे टिकट प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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ये बदलाव डिजिटल भुगतान को सुगम बनाने और रेलवे टिकटिंग प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए लागू किए गए हैं। जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए इन नए नियमों के बारे में जागरूक रहें।





