Cancer Medicine: केंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज का खर्च कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कैंसर की 543 ब्रांडेड दवाओं के लिए संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) जारी किए हैं। ये नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य दवाओं की सप्लाई और बिक्री चेन में अत्यधिक ट्रेड मार्जिन पर लगाम लगाना है, ताकि मरीजों को कैंसर की दवाएं कम कीमत पर मिल सकें।
फार्मास्यूटिकल्स विभाग के अनुसार, संशोधित मूल्य सूची में 27 अक्टूबर तक दवा कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी शामिल है। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) इस सूची को अपडेट करती रहेगी, क्योंकि उसे निर्माण कंपनियों से नई कीमतों के बारे में जानकारी मिलती रहेगी।
इस बदलाव के तहत, एक नीति लागू की गई है जिसके अनुसार 137 नॉन-शेड्यूल्ड कैंसर-रोधी दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। कीमतों में कमी, दवा के प्रकार और उसकी मौजूदा कीमत के आधार पर अलग-अलग होगी।
Cancer Medicine: हजारों रुपये सस्ती होंगी कई दवाएं
नई कीमतों के लागू होने के बाद, कैंसर की कुछ दवाओं की लागत में भारी कमी आई है। उदाहरण के लिए, आरपीजी लाइफ साइंसेज की ‘एनार्ज़ोल’ (एनास्ट्रोज़ोल 1 mg, 10 गोलियों का पैक) की कीमत ₹695.76 से घटकर ₹73 हो जाएगी।
इसी तरह, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज के एज़ासिटिडिन इंजेक्शन की कीमत 6,337 रुपये से घटाकर 1,495.04 रुपये कर दी गई है। एबॉट हेल्थकेयर के बेवासिज़ुमैब इंजेक्शन की 4 ml शीशी की कीमत 21,767.70 रुपये से घटाकर 5,930.13 रुपये कर दी जाएगी। वहीं, नैटको फार्मा की ‘डसनाट 20 mg’ टैबलेट के 60 गोलियों वाले पैक की कीमत 2,812.50 रुपये से घटकर 1,085.93 रुपये हो जाएगी। RPG लाइफ साइंसेज के ‘फुलब्रेका’ इंजेक्शन की कीमत भी 26,072.16 रुपये से घटाकर 5,491 रुपये कर दी गई है। ये नई कीमतें संबंधित दवाओं के तय पैक्स पर लागू होंगी।
कई तरह के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल
संशोधित सूची में कई तरह के (Cancer Medicine) कैंसर – जैसे ब्रेस्ट, प्रोस्टेट, कोलन, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर – के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। इसमें इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली सपोर्टिव केयर में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। सरकार का अनुमान है कि इस पहल से कैंसर के मरीजों और उनके परिवारों को सालाना लगभग 2,500 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

9 नवंबर से नई कीमतों पर बिक्री अनिवार्य
NPPA के निर्देशों के अनुसार, खुदरा विक्रेताओं, अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को 9 नवंबर से संशोधित कीमतों पर संबंधित दवाएं उपलब्ध करानी होंगी। दवा कंपनियों को नई मूल्य सूची वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों तक पहुंचानी होगी। इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी राज्य औषधि नियंत्रकों (स्टेट ड्रग कंट्रोलर्स) की है।
कैंसर के इलाज में दवाओं का खर्च अक्सर कई परिवारों के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे में, कीमतों में यह कमी मरीजों को राहत दे सकती है। हालाँकि, मरीजों को चाहिए कि वे आधिकारिक सूची से उस खास ब्रांड, पैक के आकार और नई MRP का मिलान करके कीमत की पुष्टि कर लें।
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