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सावन की पहली सुबह देवघर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भोले बाबा के दर्शन के लिए कांवरियों और श्रद्धालुओं का लगा तांता

On: July 30, 2026 8:13 PM
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सावन की पहली सुबह देवघर में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को कांवरियों का लगा तांता
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भगवान भोलेनाथ की भक्ति का पवित्र महीना सावन शुरू होते ही झारखंड की बाबा नगरी देवघर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठी है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम में देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। केसरिया वस्त्र पहने कांवरियों की लंबी कतारें, कंधे पर कांवर और जुबान पर “बोल बम” का मंत्र देवघर की गलियों में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है।

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सावन के पहले दिन ही उमड़ी भारी भीड़

सावन के आगाज के साथ ही बाबा मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन के अनुसार श्रावणी मेले के दौरान हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। शुरुआती दिनों में ही मंदिर परिसर और दर्शन मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

इस बार पूरे सावन महीने में देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 से 55 लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन की श्रावणी मेला योजना भी इसी विशाल भीड़ को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

आज कितने श्रद्धालु कर सकते हैं दर्शन?

सावन के पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। सामान्य दिनों में भी श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान प्रशासन ने लगाया है।

मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कतार व्यवस्था, बैरिकेडिंग और चरणबद्ध दर्शन की व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सुल्तानगंज से देवघर तक आस्था की 105 किलोमीटर यात्रा

बाबा बैद्यनाथ धाम की सबसे बड़ी विशेषता कांवर यात्रा है। बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवरिये करीब 105 से 109 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं। रास्ते भर भगवा रंग में रंगे श्रद्धालुओं की कतार और “बोल बम” के जयघोष इस यात्रा को दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल बनाते हैं।

कई श्रद्धालु नंगे पैर यह कठिन यात्रा पूरी करते हैं और बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग पर गंगाजल अर्पित कर मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

कांवरियों के लिए प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

श्रावणी मेले को देखते हुए देवघर प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य,सफाई और यातायात को लेकर व्यापक तैयारी की है।

भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष मार्ग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था
मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए नियंत्रण प्रणाली
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और शौचालय की सुविधा
आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम और स्वास्थ्य केंद्र
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती

देवघर नगर निगम ने मेले के दौरान सफाई व्यवस्था संभालने के लिए 750 सफाई मित्रों की तैनाती की है, जो मंदिर क्षेत्र, शिवगंगा और प्रमुख रास्तों की साफ-सफाई में जुटे रहेंगे।

डिजिटल निगरानी से होगी मेले की मॉनिटरिंग

इस बार श्रावणी मेले में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं, जिससे प्रशासन को भीड़ की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

बाबा नगरी में आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों को मिलता है बल

सावन का महीना सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि देवघर की स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद खास होता है। लाखों श्रद्धालुओं के आने से होटल, धर्मशाला, दुकानदार, फूल-माला विक्रेता, परिवहन और छोटे व्यापारियों को बड़ा सहारा मिलता है।

“बोल बम” से गूंजता रहेगा देवघर

आने वाले पूरे सावन महीने तक बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्ति का यह सिलसिला जारी रहेगा। देशभर से आने वाले लाखों कांवरिये बाबा के दरबार में जल चढ़ाकर आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे। प्रशासन की चुनौती भी बड़ी हैइतनी विशाल भीड़ को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक दर्शन कराना। फिलहाल बाबा नगरी देवघर पूरी तरह शिवमय हो चुकी है।

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