अखिल भारतीय साहू महासभा ने BJP के उस फ़ैसले का ज़ोरदार विरोध किया है। जिसमें धनबाद ग्रामीण ज़िला इकाई के पूर्व महासचिव भुवनेश्वर महतो को उनके पद से हटा दिया गया है। मीडिया से बात करते हुए, संगठन के धनबाद ज़िला अध्यक्ष जगदीश साहू ने कहा कि भुवनेश्वर महतो ने लंबे समय तक पूरी लगन और निष्ठा के साथ BJP पार्टी और समाज की सेवा की है। ऐसे सक्रिय और ज़मीनी स्तर के नेता को उनके पद से हटाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे OBC समुदाय की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची है।

अखिल भारतीय साहू महासभा के सदस्य भुवनेश्वर महतो ने आगे कहा कि BJP के भीतर OBC श्रेणी के नेताओं की लगातार उपेक्षा किए जाने की शिकायतें अक्सर सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि OBC समुदाय के मेहनती और लोकप्रिय नेताओं को आगे बढ़ाने के बजाय पार्टी के भीतर उन्हें किनारे लगाने की कोशिशें की जा रही हैं। भुवनेश्वर महतो को उनके पद से हटाने का फ़ैसला इसी चलन का एक और उदाहरण हो सकता है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संगठन को मज़बूत करने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जनहित के मुद्दों को उठाने में भुवनेश्वर महतो ने अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में उन्हें उनके पद से हटाना किसी भी तरह से न्यायसंगत फैसला नहीं कहा जा सकता। इस फ़ैसले से न केवल उनके समर्थकों में नाराज़गी फैलाई है। बल्कि पूरे OBC समुदाय में भी व्यापक असंतोष पैदा हो गया है।
BJP नेतृत्व से इस फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की माँग करते हुए, अखिल भारतीय तेली/साहू महासभा ने चेतावनी दी कि यदि OBC नेताओं के साथ ऐसा ही बर्ताव जारी रहा, तो समुदाय एक बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर हो जाएगा। भुवनेश्वर महतो कहना है की कुछ ऐसे प्रतिनीधी है जिसके साजिस के तहत हमारे समाज के लोगों को निचा दिखाने का काम किया जा रहा है ।





