मणिपुर सरकार ने घाटी के 5 जिलों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया है। यह प्रतिबंध कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लगाया गया था। हालांकि ये छूट पूरी तरह बिना शर्त नहीं है। सरकार ने इंटरनेट उपयोग के लिए कुछ नियम और शर्तें लागू की हैं जिनका पालन करना जरूरी होगा।

इंटरनेट कनेक्शन केवल स्टैटिक IP के जरिए ही दिया जाएगा। उपयोगकर्ता Wi-Fi या हॉटस्पॉट साझा नहीं कर सकेंगे। सोशल मीडिया और VPN जैसी सेवाओं पर निगरानी और नियंत्रण रहेगा। किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद रहेंगी क्योंकि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह और भड़काऊ सामग्री फैलने का खतरा बना हुआ है। ये प्रतिबंध पहले इसलिए लगाया गया था ताकि अफवाहों और हिंसा को रोका जा सके और राज्य में शांति बनाए रखी जा सके।
कल एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मणिपुर में CRPF कैंप पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हमला कर दिया है। इस दौरान हुई गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो ग। एबताया जा रहा है कि कुकी उग्रवादियों द्वारा दागा गया रॉकेट एक घर पर जा गिरा और इस विस्फोट में एक 5 वर्षीय लड़के और एक 5 महीने की बच्ची की मौत हो गई। उसके बाद लोड़ सकड़ पर निकलकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस हिंसा के बाद चार जिलों में कर्फ्यू लगा दिया और 5 जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया था। मणिपुर के जातीय संघर्ष में मई 2023 से अब तक 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं





