जरमुंडी के चार युवकों को जबरन ट्रांसजेंडर (gender transition) बनाने का मामला क्षेत्र में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। किन्नरों के आपसी विवाद के बीच इस क्षेत्र की मुख्य किन्नर गुरु मां बिट्टन तिवारी बासुकीनाथ पहुंची और एक निजी होटल में इलाके की किन्नरों के साथ gender transition जैसे बिंदुओं पर चर् बैठक का आयोजन किया। ट्रांसजेंडर (gender transition की बैठक में किन्नरों के अलावे बासुकीनाथ की महिला समाजसेवियों ने भी भाग लिया। मुख्य किन्नर बिट्टन तिवारी ने पत्रकारों को बताया कि देवघर एवं बासुकीनाथ सहित बंगाल के अंडाल, रानीगंज तक उसका क्षेत्र है और वर्षों से इस इलाके में बधाई मांगते रही है। बासुकीनाथ की रहने वाली माही किन्नर को अपना चेला बनाया और क्षेत्र में बधाई मांगने का भार सौंप दिया।

इस बीच मैं बीमार पड़ गई तो देवघर के राजकुमार मंडल उर्फ रोज मौसी द्वारा अन्य फर्जी किन्नरों के साथ मिलकर मेरे क्षेत्र में कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है। हमलोगों को लगातार जान से मारने की धमकी दी गई। इसके साथ ही माही किन्नर को साजिश के तहत फंसाने के लिए इसपर चार युवकों को नशीली दवा खिलाकर एवं आपरेशन कराकर जबरन ट्रांसजेंडर बनाने का आरोप लगाया है जो कि सरासर ग़लत आरोप है। मामले में माही किन्नर ने बताया कि जिन चार युवकों ने मेरे ऊपर नशीली दवाएं देकर जबरन ट्रांसजेंडर बनाने एवं शारीरिक मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है उसमें से दो युवकों को हम पहचानते भी नहीं है जबकि दो युवक मेरे पास कार्य करने के लिए आए थे। एक का नाम सूरज उर्फ नेहा जिसे कारी के रूप में लोग जानते थे। वहीं दूसरे का नाम मुस्कान उर्फ मदन जो तालझारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। ये दोनों मेरे पास काम के बहाने आए थे लेकिन मेरे दुश्मन के द्वारा भेजा गया दूत था जो यहां का बात मेरे दुश्मन राजकुमार मंडल उर्फ रोज मौसी के पास भेजा करता था। इस बात की भनक लगने पर मैंने उसे डांट फटकार भी लगाया।
उन्होंने बताया कि सूरज उर्फ नेहा ट्रांसजेंडर थी लेकिन मुस्कान उर्फ मदन एक मर्द हिजड़ा था जिसका फिजिकल वेरीफिकेशन हम लोगों के द्वारा किया गया था। पूरा मामला साजिश का है और साजिश के तहत देवघर की रोजी मौसी के द्वारा मुझे फंसाने का काम किया जा रहा है क्योंकि रोज मौसी उर्फ राजकुमार मंडल उसके क्षेत्र पर जबरन कब्जा जमाने का प्रयास करता है। रोजी ने बोला था कि तुम सबको बर्बाद कर देंगे और कई बार गुंडे मवाली भेज कर उस पर हमला भी कराया है। वहीं बासुकीनाथ की महिला समाजसेवी गीता ने बताया कि सुनील मिर्धा उर्फ माही किन्नर उसके मुहल्ले के हैं और बचपन से ही सुनील मिर्धा लड़कियों जैसे व्यवहार किया करता था। सुनील उर्फ माही एक वास्तविक किन्नर है और इसके ऊपर लगाये जा रहे सभी आरोप निराधार है।
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