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धनबाद में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड और जमीन की कथित फर्जी एंट्री का मामला, RTI से हुआ खुलास, कार्रवाई की मांग

धनबाद में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड और जमीन की कथित फर्जी एंट्री का मामला
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धनबाद जिले में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड और जमीन की कथित फर्जी एंट्री से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गोविंदपुर अंचल के भेलाटांड़ मौजा में ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया गया है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के आधार पर शिकायतकर्ता रमेश राही ने आरोप लगाया है कि कई प्लॉटों की संख्या में अंतर के साथ-साथ कुछ लोगों के नाम कथित रूप से गलत तरीके से ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, भेलाटांड़ मौजा के खाता संख्या 89 में दर्ज भूमि के ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच के दौरान बड़ी विसंगति सामने आई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक संबंधित खाते में वास्तविक रूप से करीब 220 प्लॉट होने की बात कही जा रही है, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में 273 प्लॉट दर्ज पाए गए। इस तरह करीब 53 अतिरिक्त प्लॉट ऑनलाइन दर्ज किए जाने का आरोप है।

मामले में खाता संख्या 271 में दर्ज 4 एकड़ 10 डिसमिल भूमि को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त जमीन पहले ही एक खारिज मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड में थी और उस पर खाता संख्या अंकित नहीं थी। इसके बावजूद कथित रूप से उसे ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में शामिल कर दिया गया।

यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला महज रिकॉर्ड में तकनीकी त्रुटि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जमीन के स्वामित्व, खरीद-बिक्री और भविष्य में होने वाले भूमि विवादों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
शिकायत में वर्ष 2021 के दौरान भी कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उस दौरान कई लोगों के नाम ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में गलत तरीके से दर्ज किए गए। इसमें करीब 38 लोगों के नाम कथित रूप से गलत तरीके से जोड़े जाने की बात कही गई है।

इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन अंचल अधिकारी वंदना भारती के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच और संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऑनलाइन एंट्री में गड़बड़ी किस स्तर पर और किसकी जिम्मेदारी से हुई।

ऐसे में जिला प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मूल खतियान, रजिस्टर-II, जमाबंदी, नक्शा, म्यूटेशन रिकॉर्ड और ऑनलाइन रिकॉर्ड का आपस में मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की है।

शिकायतकर्ता रमेश राही ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा लेन-देन पर नजर रखी जाए, ताकि निर्दोष लोगों को जमीन विवाद में फंसने से बचाया जा सके।

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