आज कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता के दौरान गोवा, दमन एवं दादरा नगर हवेली के प्रभारी और पूर्व मंत्री मानिक राव ठाकरे( Manikrao Thakre) ने राम मंदिर दान घोटाले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप में लगाया कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के बावजूद इस मामले में भाजपा या राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस जवाबदेही तय नहीं की गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन पर सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है। Manikrao Thakre कहा कि पुणे के एक व्यक्ति ने चांदी की 110 ईंटें और 2 करोड़ रुपये दिए थे। उनसे कहा गया था कि जांच करके रसीद देंगे, लेकिन आज तक रसीद नहीं मिली। शिवसेना के उद्धव ठाकरे ने भी कहा है कि हमने 25 चांदी की ईंटें और एक करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन उसकी भी रसीद नहीं है। सभी मामलों में कुछ लोगों द्वारा सैकड़ों करोड़ रुपये का दान दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है। अगर विपक्ष का दबाव नहीं होता तो यह मामला सामने भी नहीं आता। आरएसएस के लोगों को ट्रस्ट में बैठाया गया है। जिन्होंने गुनाह किया है, उन पर कार्रवाई नहीं हुई है। इसकी जवाबदेही प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय की होनी चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री भी इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। जल्द से जल्द पूरी ट्रस्ट को खारिज करनी चाहिय। बीजेपी RSS का एक ही मकसद है कि इससे फायदा कैसे हो, लोगो को गुमराह करने का काम किया गया है।
उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट को जल्द से जल्द बर्खास्त किया जाए। सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच कराई जाए। प्रधानमंत्री, पीएमओ, आरएसएस और बीजेपी की भूमिका की भी जांच हो। बीजेपी लगातार हिंदुओं के नाम पर राजनीति करती है। देखा जाए तो यह कोई निजी संपत्ति नहीं, बल्कि भारत के लोगों की संपत्ति है।
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