धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत तेतुलमारी में झारखंड के क्रांतिदूत और जननायक शहीद शक्तिनाथ महतो की 78वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और राजनीतिक संदेशों के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने शहीद शक्तिनाथ महतो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्ष, बलिदान और समाज उत्थान के योगदान को याद किया।

तेतुलमारी स्थित शक्ति चौक पर आयोजित समारोह में शहीद शक्तिनाथ महतो की पुत्री अंजना देवी एवं उनके दामाद शिवप्रसाद महतो की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में टुंडी विधायक मथुरा महतो, सिंदरी विधायक चन्द्रदेव महतो, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, बाघमारा के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता जलेश्वर महतो सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद शक्तिनाथ महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा उनके सामाजिक संघर्ष, झारखंड आंदोलन में योगदान और जनहित के लिए किए गए कार्यों को स्मरण किया।
वहीं दूसरी ओर तेतुलमारी स्थित शहीद शक्तिनाथ महतो स्मारक विद्यालय परिसर में उनके छोटे भाई एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष सुरेश महतो के नेतृत्व में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ धनबाद सांसद ढुलू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बड़कागांव विधायक रौशनलाल चौधरी, झरिया विधायक रागिनी सिंह तथा निरसा की पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने विद्यालय परिसर में स्थापित शहीद शक्तिनाथ महतो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जयंती समारोह के दौरान राजनीतिक मंचों से राज्य सरकार पर तीखे हमले भी देखने को मिले। धनबाद सांसद ढुलू महतो ने झारखंड में कथित कोयला चोरी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और कोयला चोरी हो रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने भी अपने संबोधन में झारखंड सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा। उन्होंने जेपीएससी परीक्षा, युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस एवं राज्य सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं की आवाज को लगातार अनदेखा किया जा रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है।
शहीद शक्तिनाथ महतो झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय पहचान और जनअधिकारों के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। यही कारण है कि आज भी उन्हें झारखंड के क्रांतिदूत के रूप में सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि उनका संघर्ष और विचार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
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