धनबाद जिले के कुमारधुबी और मैथन को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर स्थित झिलिया पुल का डायवर्सन टूट जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। गुरुवार को धनबाद PWD रोड डिवीजन के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार और जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार जब स्थिति का जायजा लेने पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और ऑटो चालकों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा।

डायवर्सन टूटने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, स्थानीय मुखिया तनवीर आलम, माले नेता नागेंद्र कुमार सहित कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान ग्रामीणों ने PWD विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पुल निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिसका नतीजा है कि डायवर्सन समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि विभाग की कार्यशैली से राज्य सरकार की छवि खराब हो रही है और आम जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
डायवर्सन टूटने का सबसे अधिक असर रोज़ कमाने-खाने वाले लोगों पर पड़ा है। स्थानीय ऑटो चालकों ने बताया कि सड़क बंद होने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। वहीं स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि फिलहाल आने-जाने का कोई सुरक्षित विकल्प उपलब्ध नहीं है, जिससे पूरे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर टूटे हुए रास्ते से एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
विरोध और हंगामे के बीच कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थायी और सुरक्षित डायवर्सन का निर्माण कराया जाएगा, ताकि आवागमन सामान्य हो सके। हालांकि अधिकारियों के इस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक नया और सुरक्षित डायवर्सन तैयार नहीं हो जाता, तब तक पुल निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि कुमारधुबी और मैथन को जोड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़क मानी जाती है। ऐसे में डायवर्सन के टूट जाने से हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो गई है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और PWD विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।





