धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) में अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आता दिख रहा है। एसोसिएशन से निष्कासित पूर्व महासचिव एस. ए. रहमान और कार्यकारी सचिव ने एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज सिंह और वर्तमान महासचिव पर कथित मनमानी और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मामले में सुधार की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व पदाधिकारियों ने रखी बात
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एस. ए. रहमान ने आरोप लगाया कि धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन में मनमानी चरम पर पहुंच गई है। उनका कहना है कि एसोसिएशन के भीतर जो भी व्यक्ति कथित गलत फैसलों या संगठन की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दरकिनार करने अथवा उसकी आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है।

रहमान ने दावा किया कि एसोसिएशन की मौजूदा व्यवस्था में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण फैसलों में कार्यकारी सदस्यों तक को विश्वास में नहीं लिया जाता, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
अध्यक्ष और महासचिव पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व महासचिव ने अध्यक्ष मनोज सिंह और वर्तमान महासचिव पर एसोसिएशन को कथित तौर पर अपनी निजी संपत्ति की तरह संचालित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संगठन के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए तथा किसी भी फैसले में संबंधित पदाधिकारियों और सदस्यों को विश्वास में लेना जरूरी है।
हालांकि, ये सभी आरोप पूर्व पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए हैं। आरोपों पर एसोसिएशन के अध्यक्ष और वर्तमान महासचिव का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
JSCA से शिकायत की तैयारी
पूरे मामले को लेकर पूर्व पदाधिकारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही एसोसिएशन की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो वे आगे की रणनीति तय करेंगे। जरूरत पड़ने पर इस मामले की शिकायत झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) से करने की बात भी कही गई है।
क्रिकेट प्रशासन पर उठ रहे सवाल
धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन में सामने आया यह विवाद सिर्फ पदाधिकारियों के बीच मतभेद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निर्णय लेने के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि मामला JSCA तक पहुंचता है, तो विवाद के संबंध में आगे की तस्वीर और साफ हो सकती है।
फिलहाल, पूर्व पदाधिकारियों के आरोपों के बाद धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन का यह अंदरूनी विवाद सार्वजनिक हो गया है। अब निगाहें एसोसिएशन के मौजूदा पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।







