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दीपक प्रताप देव के आवास पर पहुंचीं JLKM की आयशा सिंह, 2029 से पहले नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज

दीपक प्रताप देव के आवास पर पहुंचीं JLKM की आयशा सिंह, 2029 से पहले नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज
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गढ़वा जिले के भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की केंद्रीय उपाध्यक्ष आयशा सिंह ने पार्टी सुप्रीमो टाइगर जयराम महतो के निर्देश पर दीपक प्रताप देव के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान पार्टी के पलामू प्रभारी भी मौजूद रहे। दीपक प्रताप देव की ओर से इस मुलाकात को फिलहाल शिष्टाचार और औपचारिक भेंट बताया गया है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

दीपक प्रताप देव कभी भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में अनंत प्रताप देव की जीत में उनकी भूमिका भी अहम मानी गई थी। चुनाव के दौरान अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी और दीपक प्रताप देव की तिकड़ी क्षेत्र की राजनीति में काफी चर्चा में रही थी।

हालांकि चुनाव के बाद दोनों के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती चली गई। जुलाई 2026 में दीपक प्रताप देव ने सार्वजनिक रूप से विधायक अनंत प्रताप देव की कार्यशैली और क्षेत्र में संगठन संचालन को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद झामुमो की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

इसके बाद दीपक प्रताप देव ने झामुमो से अलग होने का फैसला किया। अगस्त 2026 में उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ने की घोषणा की थी।

अब JLKM नेताओं के साथ उनकी मुलाकात ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। खास तौर पर इसलिए भी क्योंकि JLKM पहले से ही वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है। हाल की एक बैठक में पार्टी नेताओं ने 2029 में झारखंड में सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा की थी।

क्या दीपक प्रताप देव JLKM के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने की तैयारी में हैं?

फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। दीपक प्रताप देव के JLKM में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा भी नहीं हुई है। ऐसे में मौजूदा मुलाकात को राजनीतिक नजदीकी और संभावित नए समीकरण के संकेत के तौर पर ही देखा जा रहा है।

भवनाथपुर की राजनीति में इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दीपक प्रताप देव पहले ही 2029 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता का संकेत दे चुके हैं। वहीं JLKM भी क्षेत्र में अपने संगठन को विस्तार देने में जुटी है। ऐसे में दोनों के बीच बढ़ती नजदीकी आने वाले समय में स्थानीय राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

राजनीति में किसी नेता की मुलाकात, खासकर चुनावी तैयारियों के दौर में, कई संभावनाओं के संकेत दे सकती है। हालांकि इस मुलाकात को लेकर अभी तक कोई बड़ा राजनीतिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इतना जरूर है कि आयशा सिंह की दीपक प्रताप देव से मुलाकात ने भवनाथपुर की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में दीपक प्रताप देव और JLKM के बीच यह संपर्क महज शिष्टाचार मुलाकात तक सीमित रहता है या फिर 2029 के विधानसभा चुनाव से पहले कोई नया राजनीतिक अध्याय शुरू होता है।

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