पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद गहरा गया औरअब स्थानीय पुलिस थाने तक पहुंचा मामला।बता दें कि धनबाद के गोविंदपुर ब्लॉक में स्थित उदयपुर गाँव में पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब स्थानीय पुलिस थाने तक पहुंच गया है। इस मामले लेकर कुसमी देवी नाम की एक महिला ने पुश्तैनी जमीन को लेकर अपने दिवंगत पति की बहन पर आरोप लगाया है कि वह उसके ससुर और उसके मृत पति की 10 डेसिमल पुश्तैनी ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही है; वहीं, दूसरी तरफ़ से शारीरिक हमले और हैंडपंप तोड़ने के जवाबी आरोप लगाए गए है।

मामले को लेकर पीड़ित महिला ने बताया कि 2012 में अपने पति की मृत्यु के बाद पिड़िता अपने बच्चों के साथ बरवाअड्डा में अपनी मां के घर रहने चली गई थी। पीड़ित महिला के अनुसार जब वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर घर बनाने के इरादे से उदयपुर लौटी तो उसके पति की बड़ी बहन मालवा देवी ने निर्माण कार्य रोक दिया। महिला का आरोप है कि गोविंदपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद मालवा देवी ने कथित तौर पर पुश्तैनी जमीन पर अपना दावा जताने के लिए जाली दस्तावेज़ पेश किए। महिला ने आगे बताया कि ज़मीन के रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के बाद जब वह काम फिर से शुरू करने के लिए मौके पर लौटी तो उसके और उसके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई।
बता दें कि इसके विपरीत दूसरी तरफ़ का प्रतिनिधित्व कर रही मंजू देवी ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए दावा किया कि विवादित ज़मीन सही मायने में उन्हीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी महिला ज़बरदस्ती उनकी ज़मीन पर निर्माण कार्य करने के लिए मौके पर आई थी। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई और उनका हैंडपंप भी तोड़ दिया गया। मंजू देवी का कहना है कि उनके ससुर ने 1987 में ही यह ज़मीन उनकी सास के नाम कर दी थी। उन्होंने आगे कहा कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई थी लेकिन वे समय पर मौके पर नहीं पहुंचे।
फ़िलहाल दोनों पक्षों ने गोविंदपुर पुलिस थाने में औपचारिक शिकायतें दर्ज करा दी हैं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और ज़मीन से जुड़े संबंधित दस्तावेज़ों की भी बारीकी से जाँच कर रही है। विवाद की असली सच्चाई जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
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