गिरिडीह में झारखंड के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादश कार्यक्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी ने हरसिंगरायडीह स्थित उनके आवास उत्सव उपवन पहुंचकर दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत अन्य नेताओं का आगमन गिरिडीह के बोडो हवाई अड्डे पर हुआ, जहां से वे सड़क मार्ग से उत्सव उपवन पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर झामुमो कार्यकर्ताओं, समर्थकों, स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों की बड़ी मौजूदगी रही। पूरे परिसर में शोक और भावुकता का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को गिरिडीह के साथ पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के मजबूत स्तंभ थे और संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर अपनी जिम्मेदारियों का प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया। उनके निधन से उत्पन्न हुई रिक्तता की भरपाई आसान नहीं होगी। हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने लंबे राजनीतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव को भी याद किया और कहा कि उनके निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा आघात पहुंचा है। द्वादश कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और पार्टी नेताओं ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सोनू भैया का असमय निधन सभी के लिए गहरी व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत नेता के स्नेह, अपनापन और साथ को याद करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति मिलने की प्रार्थना की। बताया गया कि कल्पना सोरेन कार्यक्रम से पहले से ही गिरिडीह में मौजूद थीं और परिजनों के साथ रहकर कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही थीं।

वहीं द्वादश भोज कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पार्टी नेताओं और आम लोगों के पहुंचने का सिलसिला भी जारी रहा। लोगों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद से गिरिडीह में शोक का माहौल है। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने उनके राजनीतिक जीवन, संगठन में योगदान और क्षेत्र के लिए किए गए कार्यों को याद किया।





