सरिया | गिरिडीह

सरिया वन क्षेत्र अंतर्गत सबलपुर पंचायत के निमाटांड फकीरापहरी गांव में जंगली हाथियों का आतंक लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। हाथियों के झुंड ने किसानों की खेतों में लगी फसलों और ग्रीन हाउस को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
निमाटांड निवासी किसान राजेश वर्मा ने बताया कि उनके चार एकड़ खेत में लगभग तीन एकड़ में लगी तरबूज, लौकी, झिंगी, खीरा, भिंडी एवं सूर्यमुखी फूल की खेती को हाथियों ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
किसान के अनुसार, कुछ फसल हाथियों ने खा ली, जबकि बाकी फसल को पैरों से रौंदकर नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है और इस घटना से उन्हें करीब 1.80 से 1.90 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है।
वहीं फकीरापहरी निवासी अंकित वर्मा (पिता– मगर महतो) ने बताया कि बीती रात हाथियों का झुंड उनके ग्रीन हाउस में घुस गया और एक हिस्से को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही खेतों में लगी जेठुआ खेती भी बर्बाद हो गई।
अंकित वर्मा ने बताया कि इस घटना में उन्हें लगभग 1.30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अब दोबारा खेती के लिए पूंजी जुटाना मुश्किल हो गया है।
प्रभावित किसानों ने वन विभाग से मामले की जांच कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
सबलपुर पंचायत के पूर्व पंचायत समिति प्रत्याशी संजय कुशवाहा ने कहा कि निमाटांड फकीरापहरी क्षेत्र में आये दिन हाथियों का झुंड घुसकर किसानों की फसल और ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने वन विभाग और सरकार से स्थायी एवं वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग करते हुए कहा कि प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।
वन विभाग पर बढ़ा दबाव
लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।





