देश का सबसे कमाऊ रेल मंडल (railway division) के कर्मी जर्जर क्वार्टर में रहने को मजबुर है। आए दिन हादसा को आमंत्रण दे रहे हैं । धनबाद के डीएस कॉलोनी स्थित रेल मंडल (railway division )के रेलवे क्वार्टरों की जर्जर हालत एक बार फिर सामने आई है। रेलवे कर्मचारी अलका प्रसाद के क्वार्टर का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। रेल मंडल (railway division ) के हादसे के समय कमरे में सो रही 75 वर्षीय माता तिलेसरी देवी मलबे की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।

उन्हें तत्काल रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है घटना के बाद रेलवे कर्मचारी अलका प्रसाद ने बताया कि क्वार्टर की मरम्मत को लेकर कई बार रेलवे विभाग से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण लोग मजबूरी में जर्जर और खतरनाक क्वार्टरों में रहने को विवश हैं।
हादसे के वक्त उनकी मां तिलेसरी देवी बिस्तर पर सो रही थीं। तभी अचानक छत का भारी प्लास्टर टूटकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे उनके सिर और जबड़े में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद कॉलोनी के कर्मियों में भी आक्रोश है। रेलवे प्रशासन से जर्जर क्वार्टरों की तत्काल मरम्मत कराने और ऐसे भवनों में रह रहे कर्मचारियों व उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, इस हादसे ने रेलवे आवासों की बदहाल स्थिति और विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन के डिविजनल सेक्रेटरी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत से जुड़ी मांगें पहले ही सौंपी जा चुकी हैं। परमानेंट नेगोशिएटिंग मशीनरी (PNM) की आगामी बैठक में इस मुद्दे को फिर से ज़ोर-शोर से उठाया जाएगा। अलका प्रसाद ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण लोग मजबूरी में जर्जर और खतरनाक क्वार्टरों में रहने को विवश हो कर जी रहे है।
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