राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एस माईकल राज ने बुधवार को बोकारो जीआरपी थाना का निरीक्षण किया। उनके आगमन पर पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान रेल पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार, रेल पुलिस उपाधीक्षक मनीष कुमार सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी अमरेंद्र कोटवाल, आरपीएफ इंस्पेक्टर संतोष कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाना परिसर का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने मालखाना, विभिन्न अभिलेखों, पंजी तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं की जांच की और अधिकारियों से थाने की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था तथा उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। साथ ही आवश्यक सुधारों को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के बाद आईजी एस माईकल राज ने कहा कि बोकारो जीआरपी थाना में कई आवश्यक संसाधनों की कमी है, जिससे पुलिस के कार्यों पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान थाना भवन भी काफी जर्जर स्थिति में है। रेलवे द्वारा जीआरपी के लिए नए थाना भवन का निर्माण कराया गया है, लेकिन उसमें अभी भी कई तकनीकी और आधारभूत कमियां मौजूद हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन कमियों को दूर करने के लिए रेलवे के उच्च अधिकारियों से बातचीत की जाएगी, ताकि नया भवन जल्द पूरी तरह उपयोग के योग्य बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल बोकारो ही नहीं, बल्कि राज्य के अधिकांश जीआरपी थानों में पेट्रोलिंग वाहनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पर्याप्त वाहन नहीं होने के कारण रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में प्रभावी गश्त करने में कठिनाई आती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से विभाग पूरी तरह अवगत है और चरणबद्ध तरीके से आवश्यक वाहनों एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
आईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। रेलवे स्टेशनों पर अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी और यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ जीआरपी की कार्यक्षमता को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





