झारखंड के दुमका जिले से अवैध हथियार निर्माण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हंसडीहा थाना क्षेत्र में कोलकाता STF ने कार्रवाई करते हुए एक कथित अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है। यह कार्रवाई दो संदिग्ध हथियार तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर की गई।
बताया जा रहा है कि कोलकाता STF ने पहले दो हथियार तस्करों को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम हंसडीहा थाना क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज के पास पहुंची, जहां एक संदिग्ध मकान में अवैध हथियार बनाने का काम संचालित होने की सूचना मिली।
रेलवे ओवरब्रिज के पास संदिग्ध मकान की घेराबंदी

मामले की जानकारी मिलने के बाद कोलकाता STF ने हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत कुमार यादव को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई।
हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, सरैयाहाट थाना प्रभारी अनुज कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार और जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने संदिग्ध मकान को घेर लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी शुरू की।
मकान के अंदर मिला हथियार बनाने का सामान

छापेमारी के दौरान पुलिस को मकान के अंदर हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन और अन्य उपकरण मिले। इसके अलावा कई देसी कट्टा और पिस्टल भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को जब्त कर लिया है और कथित मिनी गन फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। बरामद हथियारों और उपकरणों की जांच की जा रही है।
SP ने मौके पर पहुंचकर की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खरवार भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने संदिग्ध मकान और बरामद सामान का निरीक्षण किया तथा पूरे मामले की जानकारी ली।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध हथियार निर्माण केंद्र का संचालन कब से किया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
तस्करों से मिली जानकारी के बाद फैक्ट्री तक पहुंची STF
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोलकाता STF की कार्रवाई की शुरुआत हथियार तस्करी से जुड़े दो संदिग्धों की गिरफ्तारी से हुई। पूछताछ में मिली जानकारी के बाद टीम को दुमका के हंसडीहा क्षेत्र में चल रही कथित अवैध हथियार फैक्ट्री के बारे में सुराग मिला।
इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यहां तैयार किए जा रहे हथियारों की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
अभी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल इस कार्रवाई में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा और हथियार व उपकरणों की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मौके से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। जांच के बाद ही अवैध हथियार निर्माण के पूरे नेटवर्क, फैक्ट्री के संचालक और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।






