पश्चिम एशिया युद्ध संकट के लंबा खिंचने और होर्मूज स्ट्रेट बंद होने का सीधा असर आज लगातार तीसरे दिन भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। दोपहर के कारोबार तक सेंसेक्स 1500 प्वाइंट से ज्यादा लुढ़क गया। वहीं निफ्टी में 400 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है। केवल मार्च में महीने में ही बाजार लगभग 10 परसेंट लुढ़क चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार, गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई हैं जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी वजह से निवेशकों की चिंता बढ़ी है और बाजार में बिकवाली तेज हुई।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली जारी है। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत और रुपये में कमजोरी भी बाजार पर दबाव डाल रही है। लगभग सभी सेक्टर में गिरावट देखी जा रही है। लेकिन सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर में देखी जा रही है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और तेल की ऊंची कीमतों के कारण फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि कुछ निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए अवसर भी मान रहे हैं।
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